जागरण संवाददाता

डॉक्टरों-उपकरणों की पूर्ति के लिए सिविल अस्पताल प्रशासन ने अब शहर विधायक प्रमोद विज से गुहार लगाई। स्वीकृत पद, रिक्त पदों सहित कौन से विशेषज्ञ चिकित्सक चाहिए, पूरी सूची सौंपी है।

दरअसल, विधायक ने शनिवार को सिविल अस्पताल का औचक निरीक्षण किया था। ओपीडी स्लिप पर लिखी सभी मेडिसिन नहीं मिलने पर मरीजों ने उन्हें घेर लिया था। डॉक्टर कोर्ट में या अन्य ड्यूटी पर होने से कई ओपीडी बंद थी। हाजिरी और दवा स्टॉक रजिस्टर देख पूरी रिपोर्ट मांगी थी, जिससे कि विधानसभा सत्र में मामला उठा सकें। मंगलवार को एमएस डॉ. आलोक जैन और डिप्टी एमएस डॉ. अमित पोड़िया विधायक से मिले।

फिजिशियन, छाती रोग, शिशु रोग, स्त्री रोग, हड्डी रोग विशेषज्ञ, रेडियोलॉजिस्ट की मांग कर पत्र सौंपा है। बता दें कि सिविल अस्पताल तो 13 लैब टेक्निशियन चाहिए, तीन हैं। सिक न्यू बोर्न चाइल्ड केयर यूनिट को 16 स्टाफ नर्स चाहिए, आठ हैं। मांगा 3.20 करोड रुपये बजट

अस्पताल प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के लिए करीब एक करोड़ के बजट की मांग की थी, उसमें से मात्र 35 लाख मिले हैं। वर्ष खत्म होने में चार माह बाकी हैं, इन महीनों के लिए संशोधित एक करोड़ रुपये बजट मांगा है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए 3.20 करोड़ का बजट मांगा है। कैग की टीम ने बनाई रिपोर्ट

भारत के नियंत्रक और महा लेखा परीक्षक (सीएजी) की तीन सदस्यीय टीम सिविल अस्पताल पहुंची हुई है। यह टीम ईएसआइ और सिविल अस्पताल की संयुक्त रिपोर्ट तैयार कर रही है। ईएसआइ अस्पताल, सिविल के मुकाबले कहां ठहरता है। दोनों की ओपीडी संख्या, बजट, मैन पॉवर, सुविधाओं में कितना अंतर है, इसकी जानकारी जुटा रही है।

Posted By: Jagran

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