जागरण संवाददाता, पानीपत : हाईकोर्ट ने जिला परिषद में भ्रष्टाचार के एक मामले में सुनवाई करते हुए चेयरपर्सन आशु शेरा, डीसी, जिप सीईओ, पंचायती राज विभाग के निदेशक और प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। इस मामले में अगली सुनवाई 19 फरवरी को होगी। हाईकोर्ट ने ये आदेश 4 दिसंबर की सुनवाई करते हुए दिए हैं। कोर्ट के ये आदेश शनिवार को शिकायतकर्ता पार्षद को मिले हैं।

जिला परिषद के वार्ड-2 पार्षद विनय गुप्ता ने बताया कि जिला परिषद में भ्रष्टाचार और अन्य विषयों को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसकी पहली सुनवाई पांच अगस्त को की थी। हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर लगातार सुनवाई चल रही है। चार दिसंबर को सरकार की तरफ से डिप्टी एडवोकेट जनरल ने अपना पक्ष रखा था। हाईकोर्ट ने मामले को देखते हुए संबंधित अधिकारियों और निर्वाचितों को बुलाना जरूरी बताया था। नंबर-एक

जिप के ये चार आरोप हैं जो हाईकोर्ट उठे

जिला परिषद के अंतर्गत जिले में वाटर कूलर और सीमेंट के बेंच लगाए गए हैं। उनमें भ्रष्टाचार किया है। बाजार से दोगुने रेट में बिल मंजूर किए हैं। हाउस की बैठक में अधिकारियों को बाजार और कार्यालय में जमा बिल दिखा चुके हैं। नंबर-दो

जिला परिषद के निर्माण कार्यों और संपत्तियों पर जिला परिषद की प्रधान की जगह उनके पति का नाम लिखाया जा रहा है। इसमें कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। हाउस में मामला उठने के बाद भी अधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया। नंबर-तीन

जिला परिषद की 11 जनवरी को बैठक में 15 पार्षद हाजिर थे। इनमें 8 विपक्ष और 7 चेयरपर्सन के साथ थे। चेयरपर्सन अल्पमत में चली गई थी। उन्होंने बहुमत दिखाने के लिए दो ब्लॉक समिति चेयरमैनों को अपने साथ खड़ा किया। यह सब गलत है। नंबर-चार

जिला परिषद की मीटिग निर्धारित समय में नही करवाई जाती। इससे विकास कार्यों पर ठीक से चर्चा नहीं हो पाती। यह सब जनभावनाओं के साथ खिलवाड़ है।

Posted By: Jagran

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