करनाल, जागरण संवाददाता। देश के उत्तरी तथा मध्य इलाकों में मानसून की अभी सक्रियता काफी है। इस समय दो निम्न दबाव वाले क्षेत्र हैं। जो मानसून टर्फ की रेखा के साथ सक्रिय हैं। गहरे निम्न दबाव का क्षेत्र पश्चिम बंगाल के ऊपर है और निम्न दबाव का क्षेत्र पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है। गहरे निम्न दबाव का क्षेत्र धीरे-धीरे पश्चिमी दिशा में झारखंड और दक्षिण बिहार से दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा।

अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कम दबाव का क्षेत्र उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से की ओर भी बढ़ने की प्रबल संभावना है। पश्चिम बंगाल के दक्षिणी जिलों में अगले 24 घंटों तक मध्यम से भारी बरसात जारी रहने की संभावना है। अगले दो दिनों के दौरान दक्षिण बिहार, झारखंड, उत्तरी छत्तीसगढ़, उत्तरी मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होगी। वहीं मौसम विज्ञानियों की मानें तो हरियाणा के कई जिलों में भी भारी बारिश की संभावना है।

दोनों सिस्टम एक अगस्त को दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश में मिलने की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक ये दोनों सिस्टम एक अगस्त तक दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश में मिल जाएंगे। दिल्ली, पंजाब हरियाणा और उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में अगले तीन से चार दिनों के दौरान हल्की से मध्यम बरसात हो सकती है। मानसून टर्फ रेखा से जुड़े दो निम्न दबाव वाले क्षेत्र जैसा दृश्य बहुत ही काम देखने को मिलता है। अगस्त का पहला सप्ताह उत्तर पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के लिए बरसात वाला होने वाला है।

आने वाले 24 घंटे में देशभर में यह रहेगी मौसम की स्थिति

मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले 24 घंटे में अगले 24 घंटों के दौरान, पूर्वी झारखंड, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों और पूर्वी राजस्थान में मध्यम से भारी बरसात हो सकती है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, पंजाब के कुछ हिस्सों, हरियाणा, दिल्ली, शेष उत्तर प्रदेश और बिहार में हल्की से मध्यम बरसात के साथ कुछ स्थानों पर भारी बरसात हो सकती है। पश्चिमी हिमालय और गंगीय पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बरसात के साथ एक या दो स्थानों पर कुछ देर के लिए तेज बरसात हो सकती है।

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Edited By: Anurag Shukla