यमुनानगर, जागरण संवाददाता। कोरोना के केस भले ही कम हुए हो, लेकिन अभी खतरा टला नहीं है। जिले में फिलहाल छह सक्रिय केस हैं। इसके साथ ही कोरोना के नए वेरिएंट की भी आशंका रहती है, क्योंकि कुछ जगहों पर दूसरा वैरियंट भी मिला है। इसे देखते हुए विभाग की ओर लगातार डब्ल्यूजीएस (व्होल जीनोम सिक्वेंसिंग) के सैंपल लिए जाते हैं। यह सैंपल जांच के लिए रोहतक भेजे जा रहे हैं। विशेषतौर पर यदि कोई विदेश से आया है और उसे कोरोना हुआ है, तो उसका निश्चित रूप से सैंपल भेजा जा रहा है। अभी तक जिले से 82 सैंपल भेजे गए हैं। हालांकि किसी में नया वेरिएंट नहीं मिला है।

कोरोना के केस घटने के साथ लोग भी लापरवाही बरतने लगे हैं। अब मास्क का प्रयोग भी कम कर दिया है, लेकिन अभी भी कोरोना खत्म नहीं हुआ है। रोजाना एक या दो मरीज मिल रहे हैं। उन्हें स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में दाखिल करा रहा है। इसके साथ ही कोरोना का स्वरूप भी बदलता रहता है। विदेशों में भी कोरोना का नया वेरिएंट मिला है। जिसे देखते हुए अभी खतरा बना हुआ है। इस समय विदेशों से लेकर देश के अन्य राज्यों में भी आवाजाही शुरू हो गई है। ऐसे में लोग भी एक दूसरे मिल रहे हैं। जिससे कोरोना का खतरा बरकरार है। एक वजह यह भी है कि टीकाकरण अभियान चल रहा है, लेकिन अभी तक सभी लोगों को वैक्सीन की दोनों डोज नहीं लग सकी है। जिले की बात करें, तो यहां पर करीब साढ़े 11 लाख लोगों को वैक्सीन की डोज लगी है। इसमें से तीन लाख ने ही दोनों डोज ली है। करीब 84 हजार लोग ऐसे हैं, जिनकी दूसरी डोज का भी समय निकल चुका है।

विदेशों से आने वाले ट्रैवलरों पर नजर

स्वास्थ्य विभाग शुरू से ही विदेशों से आने वाले ट्रैवलरों पर नजर रख रहा है। पहले सभी ट्रैवलरों के सैंपल कराए जाते थे। अब केस कम होने के बाद केवल उन्हीं ट्रैवलरों के डब्ल्यूजीएस कराया जा रहा है। जिन्हें विदेश से आने के बाद कोरोना हुआ है। इसके साथ ही स्वास्थ्य विभाग स्थानीय स्तर पर किसी-किसी कोरोना संक्रमितों के सैंपल भी भेजता है। जिससे कोरोना के नए वैरियंट का पता लग सके।

जिला निगरानी अधिकारी डा. वागीश गुटैन का कहना है कि कोरोना का स्वरूप बदलता रहता है। इसलिए ही लगातार डब्ल्यूजीएस का सैंपल लिया जाता है। हालांकि अभी तक जिले में कोई नया वैरियंट नहीं मिला है। इसके बावजूद लगातार नजर रखी जा रही है।

Edited By: Anurag Shukla