जागरण संवाददाता, पानीपत : आरटीए द्वारा वाहन पासिंग के लिए दो दिनों का समय निर्धारित होने के बाद भी लोगों की समस्या खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। मंगलवार व बृहस्पतिवार को सुबह होते ही पांिसंग ग्राउंड में सैकड़ों की संख्या में छोटे व बड़े वाहनों का जमावड़ा शुरू हो जाता है। दोपहर बाद अधिकारी मौके पर पहुंचते हैं, इसके बाद पासिंग का काम शुरू किया जाता है।

आरटीए से वाहनों की पासिंग का चार्ज जाने के बाद से लोगों में जल्द काम होने की उम्मीद जगी थी। अब शायद उनकी इन उम्मीदों पर पानी फिरता हुआ नजर आ रहा है। दोपहर के समय अधिकारी कई गाड़ियों के कागजातों या फिर अन्य कोई कमी निकालकर पासिंग करने से इंकार कर देते है, जिसके बाद वाहन मालिक खुद को ठगा हुआ सा महसूस करता है। पांिसंग करवाने आए शमशेर, राममेहर, अशोक, ऋषिपाल आदि का कहना है कि दोपहर बाद पासिंग करने आए अधिकारियों द्वारा कमी निकाले जाने पर उनके पास कोई रास्ता नहीं बचता। लगभग एक घंटे के भीतर ही अधिकारी अपना काम निपटाकर अपने दफ्तरों की ओर रवाना हो जाते है। इतनी जल्दी न तो वे वाहन के कागजातों या अन्य किसी कमी को दूर नहीं करवा पाते। लोगों की मांग है कि आरटीए कर्मचारियों के द्वारा दिन में ही कागजातों की जांच कर उनके वाहनों की कमी बताई जानी चाहिए। इसके साथ ही लोगों ने दोपहर 1 बजे तक वाहनों की पासिंग करने की मांग की।

चंद मिनटों का काम, करते हैं परेशान

पासिंग ग्राउंड में मौजूद मनीष ने बताया कि पासिंग करवाने से एक दिन पहले वाहन की पासिंग का ऑर्डर लेना पड़ता है। दो बजे के बाद अधिकारी अगर कोई कमी निकाल दें तो चंद घंटों में कमी दूर करना किसी जंग जीतने से कम नहीं होता। अगर कमी दूर न हो तो कई दिनों तक वाहन खड़े रखने पड़ते हैं।

आरटीए अधिकारियों पर भी काम का दबाव

आरटीए विभाग में कार्यरत कर्मचारियों का कहना है कि कार्यालय में आए दिन बिजली समस्या बनी रहती है। कर्मचारियों की भी कमी होने के कारण वे सही ढंग से काम नहीं कर पा रहे है। कार्यालय की इमारत भी जर्जर होती जा रही है।

वर्जन

लोगों की समस्या को देखते हुए पासिंग के लिए दो दिन निश्चित किए गए है। अगर इसके बाद भी समस्या हल नहीं हुई तो जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

एडीसी, राजीव मेहता

Posted By: Jagran

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