पानीपत, जागरण संवाददाता। पानीपत डिपो को पांच साल बाद सात नई बसें मिल ही गई। इससे यात्रियों को थोड़ी राहत जरूरी मिलेगी। डिपो में यह बसें शनिवार को देर शाम तक आ गई है। अब इन बसों को लंबे रूट के लिए चलाया जाएगा। अब पानीपत डिपो में 129 बसों की संख्य बढ़कर 135 हो गई है। 

अब डिपो में कुल 135 बसें हुई, चार माह बाद 50 इलेक्ट्रिक बसें भी मिलनी 

रोडवेज डिपो पानीपत में पांच साल से कोई नई बस बेडे़ शामिल नहीं हुई है। जिससे पुरानी बसों को ही लंबे रूट पर चलाया जा रहा है। कई बार लंबे रूट की बसें बीच रास्ते में ही खराब हो जाती है। जिसके कारण लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इससे कई बार तो कर्मचारियों व सवारियों में कहासुनी तक हो जाती है। अब नई बसें आने पर थोड़ी बहुत जरूर राहत मिलेगी। 

इन रूट पर चल रही बसें 

डिपो से उत्तर प्रदेश के मेरठ, सहारनपुर, लखनऊ, बरेली, उत्तराखंड के हरिद्वार, ऋषिकेश, कोटद्वार, रुद्रप्रयाग, दिल्ली, हरियाणा के चंडीगढ़, अंबाला, कुरुक्षेत्र, रोहतक, जींद आदि रूटों पर प्रतिदिन करीब 112 बसों का संचालन किया जा रहा है। इसमें से अधिकतर बसें हरिद्वार, शामली, दिल्ली और चंडीगढ़ रूट दौड़ती रहती हैं।

डिपो में 75 बसों की जरूरत

डिपो में हर रोज 30 हजार से ज्यादा सवारियां बसों में सफर करती है। इस हिसाब से डिपो को 75 नई बसों की जरूरत है। भेजी गई 14 नई बसों की डिमांड में से सात बसें मिल सकी है। उम्मीद है कि बाकी बसें भी अगले दो माह तक मिल जाएगी। 

ये बसें हैं खास

नई बसें पुरानी बसों की तुलना में काफी हैं और इनकी लंबाई पहले बसों से ज्यादा हैं और सीट भी अधिक है। पुरानी बसों में 52 सीट है और नई बसों में 59 सीट दी गई है। इन बसों लुक काफी अच्छा है। लंबे रूट के लिए इन बसों को चलाया जाएगा।

इधर... हरियाणा रोडवेज की लग्जरी बस की योजना हो गई फ्लाप, रोडवेज यूनियन जताएगी विरोध

अंबाला, जागरण संवाददाता। हरियाणा रोडवेज अंबाला डिपो बेशक यात्री सुविधाओं में अव्वल है। जहां एक तरफ लंबी दूरी की बसों का संचालन कर यात्रियाें को राहत पहुंचाई जा रही है। वहीं छावनी बस अड्डे सहित शहर के बस अड्डों का भी करोड़ों रुपये की लागत से जीर्णोद्घार किया गया है। लेकिन इसके बाद भी जिले के लोगो में रोष है और यह रोष इतना बड़ा डिपो होने के बाद भी एक भी बस का लग्जरी न होना है। जबकि कुछ दिन पहले रोडवेज महाप्रबंधक ने जानकारी दी थी कि जल्द ही डिपो के बेड़े में लग्जरी बसों का शामिल किया जाएगा। इसका प्रपोजल पहले ही बनाकर मुख्यालय भेजा गया है। लेकिन प्रपोजल पर मोहर लगने के बाद भी लग्जरी बस आजतक अंबाला डिपो के बेड़े में शामिल ही नहीं हो पाई।

आनी थी 12, आई सिर्फ 3

हरियाणा रोडवेज यूनियन पदाधिकारी जयवीर घनघस ने बताया कि अंबाला डिपो में 177 बसें हैं।  पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, यूपी के साथ बार्डर अटैच होने और रेलवे स्टेशन और बस अड्डा एक दूसरे के सामने होने की वजह से छावनी बस अड्डे पर हमेशा यात्रियों की भीड़ रहती है। इसलिए बसों का संचालन लगातार जारी है। पिछले कुछ दिनों में 12 नई बसों को अंबाला डिपो के बेड़े में शामिल होने की जानकारी दी गई थी। लेकिन तीन साधारण बसें ही बेड़े में शामिल हुई हैं और लग्जरी सहित अन्य बसों की अभी कोई जानकारी नहीं है कि वो आएंगी भी या नहीं।

Edited By: Naveen Dalal

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