पानीपत/कुरुक्षेत्र, [विनोद चौधरी]। गीता की जन्मस्थली कुरुक्षेत्र को देश का ताज बनाने की तैयारियां तेज हो गई हैं। केंद्र और प्रदेश सरकार के साथ-साथ अब देश के संत समाज ने भी इस बात को सिरे लगाने की ठान ली है। इसके लिए नई दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचने वाले विदेशी पर्यटकों का रुख कुरुक्षेत्र की ओर करने की योजना तैयार की जा रही है। 

आमतौर पर विश्व भर से भारत की धरती पर पहुंचने वाले पर्यटक सबसे पहले आगरा में ताज महल को देखने के लिए पहुंचते हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से आगरा के लिए भी लगभग दो घंटे का समय लगता है और करीब-करीब इतना ही समय कुरुक्षेत्र पहुंचने के लिए लगता है। ऐसे में कुरुक्षेत्र की अब ऐसी पहचान बनानी जरूरी है कि हर पर्यटक इस ओर रुख करे। इतना ही नहीं कुरुक्षेत्र के गीता स्थली होने और इससे पहले इसी धरती पर बहने वाली सरस्वती नदी के किनारे की वेदों की रचना इसकी सांस्कृतिक विरासत को खास बना रही है। धर्मनगरी की यही पहचान विश्व भर के पर्यटकों तक पहुंचानी है। कुरुक्षेत्र के ब्रह्मसरोवर की अलौकिक छटा इस योजना को सिरे चढ़ाने में बहुत कारगर होगी।

अंतरराष्ट्रीय मानकों की अनुसार हो रही तैयारी 

केंद्र सरकार की ओर से कुरुक्षेत्र को कृष्णा सर्किट में शामिल कर तीर्थ स्थलों को आकर्षक लुक देने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार तैयार किया जा रहा है। इसी तरह प्रदेश सरकार की ओर से पिछले चार सालों से अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाकर पर्यटकों को इससे जोड़ा जा रहा है और विदेशों में जाकर भी अंतरराष्ट्रीय महोत्सव मनाया जा रहा है। 

 Kurukshetra Geeta Festival

देश भर के नामचीन मंदिर 

कुरुक्षेत्र के महत्व को देखते हुए अब इस धरा पर तिरूपति बाला जी मंदिर तैयार करवाया गया है। आने वाले दिनों में अक्षर धाम मंदिर, गीता शोध संस्थान और इस्कॉन की ओर से विशाल श्रीकृष्ण अर्जुन मंदिर तैयार किया जा रहा है। इतना ही नहीं गीता के 18 अध्यायों का ज्ञान देने के लिए 18 मंजिला गीता ज्ञान मंदिर भी निर्माणाधीन है। 

अब बनेगा भारत माता मंदिर 

इतना ही नहीं अब प्रदेश सरकार की ओर से कुरुक्षेत्र में भारत माता मंदिर बनाए जाने की तैयारी की जा रही है। इस मंदिर की खासियत होगी, इसमें सभी राज्यों को अपने भवन बनाने और संस्कृति के प्रचार के लिए स्थान दिया जाएगा। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने कहा कि इस मंदिर को खास बनाने के लिए जल्द देश भर के नामचीन संतों की एक बैठक होगी। इस बैठक में मंदिर के स्वरूप और कुरुक्षेत्र की सांस्कृतिक राजधानी की पहचान को मजबूत बनाने पर विचार-विमर्श किया जाएगा। 

Posted By: Anurag Shukla

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