कुरुक्षेत्र, [विनीश गौड़]। जिस धरती से वर्ष 2015 में बेटियों को बचाने के युद्ध का शंखनाद हुआ था उसी प्रदेश का लिंगानुपात एक बार फिर से गिर रहा है। पिछले साल के मुकाबले प्रदेश का लिंगानुपात आठ अंतर से गिरा है। प्रदेश में सबसे ज्यादा लिंगानुपात सोनीपत और फतेहाबाद में गिरा है। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री के गृह जिला अंबाला और सिरसा, पानीपत और कुरुक्षेत्र में भी गिरावट आई है, जो मंथन का विषय है, क्योंकि पिछले वर्ष इन्हीं जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी के बाद लिंगानुपात में अच्छा सुधार हुआ था। मगर इस वर्ष के लिंगानुपात में जो अंतर आया है वह सीधे तौर पर पहले की जा रही सख्ती में बरती जा रही ढील की ओर इशारा कर रही है।

प्रदेश का लिंगानुपात 922 से 914 पर आ गिरा 

हरियाणा का लिंगानुपात वर्ष 2020 में 922 था, जो वर्ष 2021 में गिरकर 914 पर आ गया। यानी आठ अंतर की गिरावट हुई। वहीं सोनीपत का लिंगानुपात पिछले वर्ष 2020 में 932 था जो अब 888 रह गया। यहां 44 अंतर गिरावट दर्ज की गई, जो बहुत बड़ा अंतर है। फतेहाबाद में 39 अंतर की गिरावट दर्ज की गई, जिले का लिंगानुपात वर्ष 2020 में 938 दर्ज किया गया था, मगर 2021 में दिसंबर तक का लिंगानुपात 899 तक गिर गया। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज के गृह जिले की बात करें तो यहां भी 23 अंतर की गिरावट दर्ज की गई है।

वर्ष 2020 में अंबाला का लिंगानुपात 931 था वहीं वर्ष 2021 में 908 रह गया है। सिरसा का लिंगानुपात वर्ष 2020 में 949 दर्ज किया गया था, जोकि 2021 में 929 तक गिर गया। यहां भी 20 अंतर गिरावट हुई है। वहीं कुरुक्षेत्र में भी 17 अंतर की गिरावट आई है। यहां का लिंगानुपात वर्ष 2020 में 938 दर्ज किया गया था, जो 2021 में 921 तक गिर गया।

इनकी छवि सुधरी

सबसे ज्यादा अच्छा सुधार रोहतक जिले में हुआ है। यहां पिछले साल वर्ष 2020 में लिंगानुपात 912 था जो 2021 में बढ़कर 945 हो गया यानी 33 अंतर की वृद्धि हुई। वहीं चरखी दादरी में 28, जींद में 19 और करनाल में लिंगानुपात 12 अंतर से बढ़ा है।

कोरोना काल में भी चार बड़ी छापेमारी की

पीएनडीटी के नोडल अधिकारी डा. आरके सहाय ने बताया कि जिले में कोरोना काल के दौरान भी स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। चार बड़ी छापेमारी करके 12 से ज्यादा आरोपितों को सलाखों के पीछे पहुंचाने का काम किया है।

Edited By: Rajesh Kumar