जिला बार एसोसिएशन चुनाव: रोहतक में हंगामा, डबवाली में टॉस से छह-छह माह की प्रधानी; कैथल में पूर्व मंत्री का बेटा हारा
जिला बार एसोसिएशनों के चुनावों में शुक्रवार को विभिन्न जिलों में रोचक परिणाम सामने आए, कहीं करीबी मुकाबले तो कहीं बड़े अंतर से जीत दर्ज हुई।

जिला बार एसोसिएशन के मतगणना हाल के बाहर धरना देकर प्रदर्शन करते अधिवक्ता। जागरण
HighLights
डबवाली में बराबर मतों से टाई, छह-छह माह की प्रधानगी बंटी
पलवल में दीपक चौहान ने मात्र पांच मतों के अंतर से जीत दर्ज की
रोहतक में ईवीएम मतगणना विवाद के चलते चुनाव परिणाम अटक गया
जागरण टीम, पानीपत। जिला बार एसोसिएशनों के चुनाव में शुक्रवार को प्रधान पद के नतीजों ने मुकाबलों की नजदीकी से लेकर बड़े मतांतर तक कई रंग दिखाए। डबवाली में दो प्रत्याशियों के बराबर मत आने पर चुनावी फैसला छह-छह माह की प्रधानगी में बदल गया।
पलवल में पांच मत ने जीत और हार के बीच की रेखा खींच दी, जबकि यमुनानगर में यही फैसला 558 मतों के बड़े अंतर से हुआ। कैथल में पूर्व मंत्री सुरेंद्र मदान के बेटे मानव मदान मैदान में थे, लेकिन उन्हें प्रदीप कुमार धारीवाल के हाथों 101 मत से हार मिली। सुरेंद्र मदान कैथल से दो बार विधायक रह चुके हैं।
फतेहाबाद में त्रिकोणीय मुकाबले में सुभाष जांगू विजयी रहे। कई छोटी बारों में भी प्रधान पद के लिए बेहद करीबी मुकाबले हुए। दूसरी ओर रोहतक में ईवीएम से मतगणना कराने को लेकर विवाद खड़ा हो गया और धरने के कारण परिणाम अटक गया।
इस तरह एक ही दिन में बार चुनाव के नतीजों में सहमति, करीबी मुकाबले और विवाद- तीनों सामने आए। डबवाली बार एसोसिएशन में प्रधान पद के लिए राजपाल सिधू और काली देवी आमने-सामने थे। दोनों को 126-126 मत मिलने के बाद किसी एक को विजेता घोषित करने की स्थिति नहीं बनी।
दोनों को प्रधान चुना गया और छह-छह माह पद संभालने पर सहमति बनी। राजपाल सिधू पहले छह माह प्रधान रहेंगे, इसके बाद काली देवी जिम्मेदारी संभालेंगी। पांच मतों का अंतर, हर वोट बना निर्णायक: पलवल में अध्यक्ष पद के मुकाबले में जीत का अंतर इतना कम रहा कि एक-एक मत की अहमियत सामने आ गई।
दीपक चौहान ने 858 मत हासिल किए, जबकि नेत्रपाल चौहान को 853 मत मिले। दीपक ने पांच मत से जीत दर्ज की। तीसरे प्रत्याशी वेद प्रकाश गौड़ को आठ मत मिले। कुल 1893 मतदाताओं में से 1719 ने मतदान किया।
यमुनानगर में प्रतिद्वंद्वी को आधे से भी कम मत मिले
यमुनानगर में दिनेश चौहान ने 1100 मत लेकर प्रधान पद अपने नाम किया, जबकि प्रदीप राठौर को 542 मत मिले। 558 मतों का अंतर केवल बड़ी जीत नहीं रहा, बल्कि दोनों प्रत्याशियों के समर्थन में बड़ा फासला भी दिखा।
त्रिकोणीय मुकाबले में तीसरा प्रत्याशी मजबूत रहा
फतेहाबाद में प्रधान पद के चुनाव में तीन प्रत्याशी मैदान में थे। सुभाष जांगू ने 307 मत लेकर जीत दर्ज की। विनय शर्मा को 160 और विकास कड़वासरा को 152 मत मिले। जांगू और दूसरे स्थान के प्रत्याशी के बीच 147 मत का अंतर रहा, जबकि दूसरे और तीसरे प्रत्याशी के बीच केवल आठ मत रहे। टोहाना में प्रगट सिंह मान ने 240 मत लेकर 181 मतों से जीत दर्ज की। रतिया में महेश तनेजा 29 मतों से विजयी होकर दूसरी बार प्रधान बने।
जानें...चुनाव के रोचक तथ्य
- सबसे छोटी जीत: पलवल में दीपक चौहान ने पांच मत से प्रधान पद जीता।
- सबसे बड़ा मतांतर : यमुनानगर में दिनेश चौहान ने 558 मत से जीत दर्ज की।
- एकतरफा मुकाबलाः सोहना में अमित यादव 371 मत से विजयी रहे।
छोटी एसोसिएशन में भी कांटे के मुकाबले
सफीदों में पुरुषोतम राणा ने हरिश वशिष्ठ को 11 मत से हराया। सिवानी में विजय खिचड़ ने राजीव श्योराण को 13 मत से पराजित किया। नारनौंद में प्रदीप लोहान सात मत से जीते।
नारायणगढ़ में सुरेश कालूचा ने अमर सैनी को 78 मत से हराया। पटौदी में मुनीष कुमार चौहान ने 86 मत के अंतर से अध्यक्ष पद जीता।
सोहना में एकतरफा रहा प्रधान पद का मुकाबला
सोहना में अमित यादव ने प्रधान पद पर 558 मत हासिल किए। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी महावीर प्रसाद को 187 और सुनील कुमार विकल को 83 मत मिले। अमित यादव ने 371 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। चुनाव ईवीएम से कराया गया और कुल 883 मतदाता थे।
रोहतक में नतीजों से पहले ही विवाद, परिणाम अटका
रोहतक जिला बार एसोसिएशन में चुनाव के बाद मतगणना शुरू नहीं हो सकी। ईवीएम को बार कौंसिल पंजाब एवं हरियाणा ले जाकर मतगणना कराने की बात सामने आने पर पूर्व प्रधान लोकेंद्र फोगाट ने अन्य अधिवक्ताओं के साथ धरना शुरू कर दिया। विवाद के चलते प्रधान पद समेत चुनाव परिणाम अटक गया।
