पानीपत/जींद, जेएनएन। दिवाली के दिन डिप्टी सीएम की शपथ लेने के बाद दुष्यंत चौटाला पहली बार जींद पहुंचे। अभी तक जींद आने पर दुष्यंत का पहला ठिकाना अर्बन एस्टेट स्थित जेजेपी कार्यालय होता था। अक्सर रात में भी वह यहीं रुकते थे। सोमवार को पहली बार वह सीधे रेस्ट हाउस पहुंचे। यहां भी उन्होंने चौधरी देवीलाल की झलक पेश की। सुरक्षा बंदोबस्त को दरकिनार करके वह लॉन में सीधे कार्यकर्ताओं के बीच में पहुंच गए। उनके चारों तरफ सैकड़ों कार्यकर्ताओं की भीड़। 

दुष्यंत माइक पकड़ते ही सबको राम-राम कहते हैं। फिर कहते हैं कि धक्का-मुक्की करने की जरूरत नहीं है। एक-एक से मिलकर जाऊंगा। कहो तो यहीं आपके बीच में मिल लूं या अंदर कमरे में बैठ जाऊं। वहां एक-एक करके आते जाना। लोग कहते हैं कि यहीं पर मिलेंगे। करीब ढाई घंटे तक दुष्यंत लोगों से मिलते हैं। इस दौरान अंधेरा भी हो जाता है। कार्यकर्ता मोबाइल की लाइट जला रहे हैं तो बड़ी संख्या में युवा उनके आने के समय से ही सोशल मीडिया पर कार्यक्रम को लाइव चला रहे हैं।

 dushyant

दुष्यंत से मिलने वाले बुजुर्ग पुरुष व महिलाएं उनके सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद देते हैं तो युवा फूल भेंट करके हाथ मिला रहे हैं। कुछ लोगों के हाथों में अपनी मांगों या समस्याओं के कागज भी हैं। समर्थकों का जोश देखकर दुष्यंत भी धक्का-मुक्की के बीच चेहरे पर रौनक बरकरार रखते हैं।

काम पूरे होने की जगी उम्मीद

पहले इनेलो और अब जेजेपी के कार्यकर्ता 15 साल से सत्ता से दूर थे। अब दुष्यंत के डिप्टी सीएम बनने के बाद इन लोगों को उम्मीद है कि उनके रुके हुए काम पूरे होंगे। इसी कारण दुष्यंत से मिलने के लिए भीड़ उमड़ पड़ी। खासकर उचाना हलके के लोग बहुत ज्यादा थे। करसिंधु से आए सतपाल कहते हैं कि उचाना हलके में सामूहिक के साथ निजी काम भी करने होंगे। इसीलिए तो इतनी बड़ी जीत दिलाई है।

जींद जिला मेरी प्राथमिकता में रहेगा: दुष्यंत

दुष्यंत चौटाला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि भाजपा-जजपा सरकार कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के तहत काम करेगी। प्रदेश के युवाओं को 75 प्रतिशत रोजगार व बुढ़ापा पेंशन में वृद्धि दोनों पार्टियों का एजेंडा है। परीक्षा केंद्र 50 किलोमीटर के दायरे में ला चुके हैं। सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाई जाएंगी। पीपीपी मोड पर कैथ लैब बनाई जाएगी। दुष्यंत ने कहा कि मैं उचाना से विधायक जरूर हूं, लेकिन मुझ पर पूरे जींद जिले का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी भी है। जींद जिले का पिछड़ापन दूर किया जाएगा। जो ग्राम पंचायतें शराब ठेका बंद करने के बारे में लिखित में प्रस्ताव देंगी, वहां नए वित्तीय वर्ष से ठेके अलॉट नहीं किए जाएंगे।

Posted By: Anurag Shukla

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