जींद, जागरण संवाददाता। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि प्रदेश के काफी क्षेत्र में प्रति वर्ष बाढ़ से किसानों की फसल बर्बाद हो रही है। इन एरिया को बाढ मुक्त बनाने के लिए सरकार ने 470 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है। इसमें अकेले 50 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान जींद जिले के लिए किया गया है। इससे जींद जिले के पिल्लूखेड़ा, जुलाना के अलावा बवानीखेड़ा, झज्जर, सोनीपत में बाढ़ मुक्त बनाया जाएगा और ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी कि यहां के अतिरिक्त पानी को जरूरत वाले एरिया में पहुंचाया जाएगा, ताकि वहां की भूमि भी उपजाऊ हो जाए। जींद जिले के दिसंबर 2023 तक बाढ़ मुक्त कर दिया जाएगा। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला बुधवार को जींद के एकलव्य स्टेडियम में गणतंत्र दिवस समारोह में झंडा फहराने के बाद संबोधन कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और शहीद स्मारक पर जाकर शहीदों को याद किया।

उन्होंने कहा कि जींद जिले के औद्योगिक क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। जहां पर पहले से बने जींद व नरवाना के औद्योगिक सेक्टर को सुधार जाएगा और नरवाना के औद्योगिक क्षेत्र का क्लेक्टर रेट ज्यादा हो गया था, इसलिए जींद के डीसी को आदेश दिए कि वह एक माह में इसकी रिपोर्ट बनाकर दे, ताकि क्लेक्टर रेट को कम किया जा सके। इसके अलावा उन्होंने कहा कि जुलाना में ट्रक बाडी का हब बन चुका है, इसलिए जुलाना, सफीदों एरिया में भी औद्योगिक क्षेत्र विकास किया जाएगा। इसके अलावा मारुति ने जींद की आइटीआइ में ट्रेनिंग सेंटर बनाने का फैसला लिया है, इससे यहां के युवाओं को स्किल सुधारने का मौका मिलेगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश के युवाओं को ठेकेदार प्रथा से मुक्ति दिलाने के लिए हरियााणा कौशल विकास निगम का गठन किया है। इससे युवाओं को उनकी योग्यता के हिसाब से रोजगार मिलेगा और पोर्टल के शुरू होते ही अब तक 28 हजार युवा इस पर रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। युवाओं को रोजगार मिल सके इसके लिए नए उद्योग प्रदेश में लग रहे हैं। जहां पर मारुति एरिया का सबसे बड़ा प्लांट मानसेर में लगा रही है, वहीं फ्लिप कार्ट ने मेवात में सबसे बड़ा वेयर हाउस लगाया है। उनके कार्यकाल में 35 हजार का निवेश आ चुका है और 60 हजार युवाओं को नए रोजगार के अवसर मिले हैं। जिसको आने वाले समय में बढ़ाया जाएगा।

मंडी व्यवस्था को किया जाएगा मजबूत

डिप्टी सीएम ने कहा कि किसानों की आय को बढ़ाना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। प्रदेश की मंडियों को मजबूत बनाया जाएगा और आने वाली फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अब तक 70 हजार करोड़ किसानों के खातों में डाल चुकी है। इसके अलावा बाजार की बिजाई करने वाले किसानों के खातों में 1100 करोड़ रुपये डाले गए थे। किसानों को उनकी फसल को बेचने में दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।

Edited By: Anurag Shukla