यमुनानगर, जागरण संवाददाता। शिक्षा के साथ-साथ संस्कार जरूरी हैं। संस्कारों की कमी के कारण ही समाज में विकृतियां आती हैं। भ्रष्टाचार जैसी बुराईयों का जन्म होता है। संस्कार हमारे जीवन में तभी आएंगे जब हमारी शिक्षा गुरुकुल जैसी संस्थाओं से होगी। यह बात मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सम्राट मिहिर भोज गुरुकुल विद्यापीठ के शिलान्यास के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही। गुरुकुल में कक्षा छठी से 12वीं तक के छात्रों को सीबीएसई पैटर्न पर शिक्षा दी जाएगी। गुरुकुल निर्माण के लिए उन्होंने एक करोड़ सरकारी कोष, दो लाख निजी कोष व 51 लाख रुपये डिस्क्रिमिनेंट कोटे से दिए जाने की घोषणा भी की है। यह गुरुकुल 20 बीघा में बनकर तैयार होगा।

देवधर से रहा है नाता

मनोहर लाल ने कहा कि यह गर्व की बात है कि आज मकर संक्रांति के लिए यमुनानगर की पावन धरती पर गुरुकुल विद्यापीट के निर्माण का शिलान्यास हुआ है। 30 वर्ष पहले से संघ प्रचारक के तौर पर देवधर क्षेत्र से उनका नाता रहा है। एक छोटी सी जगह पर गुरुकुल कन्या विद्यालय की शिलान्यास हुआ था। समाजसेवी ओपी गांधी द्वारा लगाया गया छोटा सा पौधा वट वृक्ष बन गया है। सम्राट मीहिर भोज का अपना इतिहास रहा है। धर्म व संस्कृति को बचाने में उनका अहम योगदान रहा है। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

सीएम मनोहर लाल ने कहा कि हमारी सरकार ने व्यवस्थागत तरीके से सरकारी तंत्र से भ्रष्टाचार को मिटाने का काम किया है। भ्रष्टाचार में संलिप्त लोगों को दंडित भी किया जा रहा है, लेकिन इसका स्थायी समाधान केवल शिक्षा में संस्कारों का समायोजन है। संस्कारों से परिपूर्ण शिक्षा पद्धति पर भी हमारी सरकार विशेष रूप से ध्यान दे रही है।

निजी संस्थाओं की रही अहम भूमिका

सीएम मनोहर लाल ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में निजी संस्थाओं की अहम भूमिका रही है। इन संंस्थाओं के सहयोग के लिए सरकार अपने स्तर पर भरसक प्रयास कर रही है, लेकिन समाज के अग्रणी लोगों को भी आगे आना चाहिए। बारिश के कारण हुए नुकसान पर उन्होंने कहा कि जल्द गिरदावरी करवाकर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। 

Edited By: Rajesh Kumar