जागरण संवाददाता, पानीपत: शिवनगर स्थित भगवती एक्सपोर्ट में आग लगने के बाद मलबे में दबे उत्तर प्रदेश के नंदू और सोनू का नौ दिन बाद भी सुराग नहीं मिला। रविवार को मलबा हटाने के लिए छह मजदूर और जेसीबी पहुंची। जेसीबी में तेल नहीं था। इससे श्रमिकों के परिजन भड़क गए। उन्होंने मजदूरों को काम करने से रोक दिया। इससे बाद फैक्ट्री से रोष मार्च निकालकर पुलिस व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सूर्या होटल के सामने जीटी रोड पर बैठकर जाम लगाया दिया। इससे 26 मिनट तक सिवाह तक करीब नौ किलोमीटर तक जाम लगा रहा। वहां से गुजर रहे सांसद अश्वनी चोपड़ा ने गाड़ी रुकवाई। नीचे उतरे तो श्रमिक नंदू की बुजुर्ग मां सुशीला विलाप करते हुए झोली फैलाकर बोली कि मलबे में दबे बेटे के जिंदा मिलने की आस नहीं रही है। अब बेटे के शव को तो ढूंढ़वा दीजिए, ताकि उसका अंतिम संस्कार कर सकूं। सांसद चोपड़ा ने कहा कि श्रमिकों को ढूंढ़ने में कोताही नहीं बरती जाएगी। डीसी व एसपी को फोन कर मलबा हटवाने के लिए बोलता हूं। मामले में लापरवाही नहीं होने नहीं दी जाएगी। इसके बाद सांसद गाड़ी में बैठकर काफिले के साथ करनाल की ओर निकल गए।

पुलिस से उलझे परिजन, हटवाया जाम : श्रमिकों को परिजन पहले अड़े रहे कि अधिकारी भगवती फैक्ट्री आएं। कोई अधिकारी नहीं पहुंचा उन्होंने यह बोलकर जीटी रोड पर जाम लगा दिया कि अब अधिकारी जरूर पहुंचेंगे। इससे पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन एसडीएम पानीपत विवेक चौधरी, डीएसपी मुख्यालय जगदीप दूहन, थाना चांदनी बाग प्रभारी सुरेश सैनी, थाना मॉडल टाउन प्रभारी नरेंद्र मलिक और थाना शहर का भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। वाहनों को सिवाह बाईपास और किशनपुरा की ओर से भेजा गया। इसके बाद थाना चांदनी बाग प्रभारी सुरेश सैनी ने अधिकारियों के आने व एंबुलेंस जाम में फंसी होने का हवाला देकर कुछ लोगों को जीटी से हटवा दिया था। महिला पुलिस कर्मचारियों ने महिलाओं को जीटी रोड से हटाया तो महिलाएं उनसे उलझ गई। एसडीएम विवेक चौधरी ने लोगों को आश्वासन दिया कि फैक्ट्री का मलबा हटवाने के लिए पोकलेन मशीन, जेसीबी व हाइड्रा की व्यवस्था कर दी जाएगी। इसके बाद लोगों को पुलिस ने जीटी रोड से खदेड़कर जाम खुलवा दिया। जेसीबी लेकर चालक गोहाना रोड पर खड़ा रहा। चालक ने कहा कि जेसीबी घटनास्थल पर नहीं पहुंच पाएगी। दूसरी जेसीबी व कंक्रीट कटर ने मौके पर जाकर मलबे को हटाया।

जेसीबी में तेल नहीं, ठेकेदार धमकाता है : श्रमिक सोनू के भाई जगदीश नगर के ¨रकू ने कहा कि भगवती फैक्ट्री में हादसे के दो दिन बाद प्रशासन ने मलबा हटाने के लिए 150 श्रमिक, कई जेसीबी व ट्रैक्टर-ट्राली लगा दिए थे। अब छह मजबूर दस बजे आते हैं और छह बजे से पहले चले जाते हैं। जेसीबी में तेल नहीं है। ठेकेदार से बोलते हैं तो वह धमकाता है। उसके भाई का भेद नहीं चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन फैक्ट्री मालिक से मिलीभगत कर रहा है। इसी वजह से मलबा हटाने में देरी हो रही है। कोई रसूखदार व्यक्ति मलबे में दबा होता तो प्रशासन मलबा हटाने का काम तेजी से करवाता।

पुलिसकर्मी रहे आमने-सामने : श्रमिकों के कड़े तेवर देख पुलिसकर्मी जीटी रोड और फ्लाईओवर पर डटे रहे। पुलिस को भय था कहीं श्रमिक फ्लाईओवर पर बैठ गए तो फिर जाम लग जाएगा। इससे खुलवाना आसान नहीं होगा। साढ़े तीन घंटे तक पुलिसकर्मी और श्रमिक आमने-सामने रहे। श्रमिक साढ़े तीन बजे सूर्या होटल से सामने से हटे तभी पुलिस कर्मियों ने राहत की सांस ली।

कब क्या हुआ

-11:30 बजे श्रमिकों के परिजनों ने भगवती फैक्ट्री से मलबा हटवाने का काम रुकवा दिया।

-12:09 बजे सूर्या होटल का सामने जीटी रोड पर जाम लगा दिया।

-12:30 बजे एसडीएम विवेक चौधरी और डीएसपी जगदीप दूहन पहुंचे।

-1:03 बजे सांसद अश्वनी चोपड़ा पहुंचे। 1:08 बजे निकल गए।

-3:28 बजे श्रमिक व अन्य लोग वहां से चले गए।

Posted By: Jagran

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