पानीपत/यमुनानगर, जेएनएन। गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) में फर्जीवाड़ा कर इनपुट क्रेडिट लेने के केस बढ़ते ही जा रहे हैं। यमुनानगर में करीब 200 और फर्में पकड़ में आई हैं। इनमें 40 फर्में यमुनानगर की हैं, जबकि अन्य गुजरात, पंजाब, दिल्ली, उत्तर प्रदेश की हैं। बाहर की इन फर्मों ने यमुनानगर में माल भेजा है। इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने के लिए फर्जी फर्में बनाई गई। इन्होंने करीब 600 करोड़ रुपये का घोटाला किया है।

सीजीएसटी के एक अधिकारी के मुताबिक बोगस फर्म बनाने वालों ने गुमराह करने के लिए ऐसे लोगों के नाम दिए है, जो मजदूरी करते हैं। व्यापार के बारे में कुछ नहीं जानते। 

लोन का लालच देकर बनाया मालिक
कर सलाहाकार जगदीश वालिया ने बताया कि बोगस फर्म बनाने वाले ऐसे लोगों के दस्तावेज जुटाते हैं, जो अधिक पढ़े लिखे नहीं हैं। उन्हें लोन करवाने का लालच दिया जाता है। उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, जगह की रजिस्ट्री की फोटोकॉपी ली जाती है। इसके अलावा फोटो व मोबाइल नंबर ले लिया जाता है। इन पर वह बोगस फर्म बना लेते हैं। फर्म बनाकर ईवे बिल जारी किए जाते हैं। करोड़ों का लेन-देन दिखाया जाता है। इसके बदले में सरकार से इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेकर यह लोग पैसा हड़पते हैं।

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Posted By: Anurag Shukla

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