जागरण संवाददाता, पानीपत : रहते हैं गढ़ी बेसिक, जलालपुर गांव में और आयुष्मान सूची में पता है राणा माजरा। फिर भी नहीं बन रहे पात्रों के गोल्डन कार्ड। दैनिक जागरण ने 10 मार्च के अंक में इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। अब इस समस्या का समाधान हो गया है, पात्रों को गांव के सरपंच या नंबरदार के हस्ताक्षर वाला शपथ पत्र कॉमन सर्विस सेंटर की टीम को सौंपना होगा। गांव नवादा आर के पात्रों को भी ऐसा ही शपथ पत्र देना होगा।

प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना (पीएमजेएवाइ) के जिला सूचना प्रबंधक सोहन सिंह ग्रोवर ने बताया कि पात्रों की इस समस्या से सिविल सर्जन डा. संतलाल वर्मा, नोडल अधिकारी डा. मनीष पासी सहित स्टेट और नेशनल हेल्थ अथारिटी के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया था। समाधान है कि सरपंच या नंबरदार स्वघोषित शपथ पत्र देंगे कि पात्र को मैं जानता हूं। पहले गांव राणा माजरा में रहता था,उसमें से नया गांव बना और अब पात्र इसी गांव में रह रहा है। कॉमन सर्विस सेंटर की टीमें उसी आधार पर त्रुटि फार्म भरेंगी।

उन्होंने बताया कि कार्ड संबंधित दस्तावेजों के साथ फार्म को भी स्कैन कर पोर्टल पर अपलोड करेगी। इसके बाद पात्र का गोल्डन कार्ड के लिए केवाइसी कर दिया जाएगा। प्लास्टिक का गोल्डन कार्ड पात्रों के घर पहुंचाया जाएगा।

22 मार्च तक आयुष्मान आपके द्वार

ग्रोवर ने बताया कि आयुष्मान आपके द्वार की तारीख 15 से बढ़ाकर 22 मार्च कर दी गई है। गोल्डन कार्ड को गति देने के लिए प्रचार रथ(ई-रिक्शा) शहर की गलियों में घूम रहे हैं।

अब तक की स्थिति

आयुष्मान भारत योजना के जिले में 75 हजार 392 पात्र परिवार हैं। इनके तीन लाख 71 हजार 879 सदस्यों के गोल्डन कार्ड बनने हैं। अभी तक एक लाख 11 हजार 400 के ही कार्ड ही बने हैं।

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