जागरण संवाददाता, पानीपत: हैंडलूम और डाई उद्योग 15 दिन से बंद हैं। उत्पादन पूरी तरह से ठप है। उद्योगों को बंद करने के विरोध में उद्योगपति सोमवार को सेक्टर 25 स्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे। प्रदर्शन के बाद पैदल मार्च करते हुए लघु सचिवालय में डीसी सुमेधा कटारिया को ज्ञापन देंगे। निर्यात उद्योग को अब तक 500 करोड़ का फटका लग चुका है।

उद्योगों की इस गंभीर समस्या पर सांसद संजय भाटिया से मिले। सांसद ने कहा कि इस प्रतिबंध में सरकार का हाथ नहीं है। समस्या के समाधान की आस न दिखने पर उद्यमियों ने जिमखाना क्लब में बैठक कर आंदोलन करने का फैसला लिया। रोटर स्पिनर्स मिल एसोसिएशन के प्रधान प्रीतम सिंह ने कहा कि दिल्ली के प्रदूषण के लिए हमें जिम्मेदार ठहराया जा रहा है। सोनीपत में प्रदूषण नहीं है। पानीपत का असर दिल्ली में कैसे पहुंच सकता है। पानीपत में प्रदूषण की जिम्मेदारी हमारी है। लगातार 15 दिनों से बंद होने के कारण यहां उद्योग डूब रहा है। सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही। बैठक में रोष प्रदर्शन का फैसला लिया। 50 हजार उद्यमी और श्रमिक होंगे शामिल

इस प्रदर्शन में श्रमिकों को भी शामिल होंगे। पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान भीम राणा ने कहा कि उनके सेक्टर से 50 हजार श्रमिक और उद्यमी इस प्रदर्शन में शामिल रहेंगे। भाजपा सरकार इसके बाद भी सुनाई नहीं करती तो टोल प्लाजा पर धरना देंगे। बैठक में भाजपा के जिला उपाध्यक्ष तरुण गांधी और नवीन भाटिया ने कहा कि वे उद्यमियों के साथ हैं। 32 एसोसिएशन ने दिया समर्थन : श्रीभगवान

फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्री एसोसिएशन के महासचिव श्रीभगवान अग्रवाल ने बताया कि 32 औद्योगिक एसोसिएशन उन्हें समर्थन दे चुकी हैं। शांतिपूर्वक पैदल मार्च किया जाएगा। जिन उद्योगों पर प्रतिबंध नहीं है, वे भी बंद रहेंगे। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सभी मानक यहां के उद्यमी पूरा कर रहे हैं। बैठक में देर शाम तक किया मंथन

छह घंटे बाद शाम 7 बजे उद्यमियों की बैठक दोबारा जिमखाना क्लब में हुई। देर रात तक चली बैठक में सुबह की तैयारी को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में धनराज बंसल, अनिल मित्तल, विनोद ग्रोवर, भीम राणा, नवीन गुरजा, अविनाश गर्ग, अजय मलिक, मुकेश रेवड़ी, विनीत शर्मा, राजू चुघ, नीरज शर्मा, सुशील खन्ना, रमन व अनिल बंसल मौैजूद रहे। मानक पूरे फिर उद्योग बंद क्यों : नितिन अरोड़ा

पानीपत डायर्स एसोसिएशन के नितिन अरोड़ा ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सभी मानक इंडस्ट्री पूरा कर रही है। उद्योग 15 दिन से बंद हैं। फिर भी प्रदूषण बढ़ रहा है। हमने वैट स्कर्बर लगाए हैं। चिमनियों पर ऑनलाइन सिस्टम लगा है। पैटकोक का इस्तेमाल नहीं कर रहे। जब सभी मानक पूरे हो रहे तो उद्योगों को बंद क्यों किया जा रहा है। 45 दिन के सीजन में एक-एक दिन भारी : नवीन

मिक कंबल एसोसिएशन के नवीन गुरजा ने बताया कि वूलेन माल, कंबल का 45 दिन का सीजन होता है। 15 दिन से उद्योग बंद हैं। एक-एक दिन भारी पड़ रहा है। उनकी कोई सुनाई नहीं हो रही। सालभर का खर्च, लेबर भुगतान, बैंकों का ब्याज कैसे निकाल पाएंगे। हमारे साथ अन्याय किया जा रहा है। उन्हीं उद्योगों का बंद किया जाए तो प्रदूषण फैलाते हैं। निर्यातकों की शिपमेंट नहीं हो पा रही : विनीत

निर्यातक विनीत शर्मा ने कहा कि उद्योगों को बंद होने से निर्यातकों की शिपमेंट तक नहीं हो पा रही। जिससे विदेशों में यहां के उद्योगों की स्थिति खराब हो रही है। हालत यह रहे तो कारोबार चीन की तरफ चल जाएगा। जल्द इस मामले में फैसला होना चाहिए। बार-बार प्रतिबंध प्रदूषण का हल नहीं है। सही कारकों की तलाश कर कार्रवाई की जाए।

Posted By: Jagran

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