कुरुक्षेत्र, [विनोद चौधरी]। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ ले रहे किसानोें में से 3297 किसान बाहर हो गए हैं। इन किसानों के ज्यादातर ऐसे किसान शामिल हैं जो करदाता हैं। इसके साथ ही कई किसान अन्य योग्यताओं पर खरा नहीं उतर रहे है। यह किसान अभी तक ही इस योजना के माध्यम से तीन करोड़ 39 लाख 58000 रुपये डकार गए हैं। हालांकि अपात्र मिलने पर इनके योजना से बाहर होने के बाद इनमें से 224 किसानों से 22 लाख 21 हजार रुपये की रिकवरी भी की गई है।

गौरतलब है कि केंद्र सरकार की ओर से दिसंबर 2018 में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू की गई थी। किसानों के खाते में इस योजना के पहली किश्त फरवरी 2019 में जारी की गई थी। उसके बाद हर तीन महीने बाद किसान के खातों में इस स्कीम के तहत छह हजार रुपये दिए जा रहे हैं। इस योजना का लाभ केवल छोटे व सीमांत किसान ही ले सकते हैं, लेकिन कुछ किसानों ने अनजाने या जानबूझकर इसका लाभ ले लिया है। फर्जीवाड़े के चलते विभाग की तरफ से लाभार्थियों के प्रमाण पत्रों की लगातार जांच की गई है, उसके बाद योजना से किसानों को बाहर किया गया है।

योजना की पात्रता

इस योजना के तहत पति व पत्नी दोनों लाभ नहीं ले सकते। किसी किसान या उसके परिवार में कोई संवैधानिक पद पर है या था तो उस परिवार को लाभ नहीं मिलेगा। राज्य या केंद्र सरकार के कर्मचारी या रिटायर्ड कर्मचारी भी लाभ नहीं ले सकते। पूर्व या सेवारत मंत्री, राज्यमंत्री, मेयर या जिला पंचायत अध्यक्ष, विधायक, लोकसभा और राज्यसभा सांसद पात्र नहीं हैं। 10 हजार रुपये से अधिक की मासिक पेंशन पाने वाला किसान भी योजना से बाहर है। करदाता किसान भी योजना में आवेदन नहीं कर सकता।

करदाता किसान किए योजना के बाहर

कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डा. प्रदीप मील ने बताया कि करदाता व अन्य पात्रता पूरी न करने वाले 3297 किसानों को योजना से बाहर किया गया है। इन किसानों को सातवीं किश्त जारी नहीं की गई है। इनमें से 224 किसानों से 22 लाख 12 हजार रुपये की रिकवरी भी की गई है।

इस ब्लाक के इतने किसान हुए बाहर

ब्लाक किसान

1. थानेसर 932

2. पिहोवा 801

3. शाहाबाद 556

4. बाबैन 325

5. लाडवा 301

6. इस्माईलाबाद 293

7. पिपली 88

Edited By: Anurag Shukla