जागरण संवाददाता, पानीपत : प्रदेश सरकार की नई पालिसी के तहत 30 सितंबर को सेवानिवृत्त हो रहे पानीपत के पांच चिकित्सकों में से चार ने सेवा विस्तार के लिए आवेदन कर दिया है। इन्हें शारीरिक-मानसिक फिटनेस प्रमाण पत्र सहित 23 बिदुओं पर आधारित प्रपत्र जमा करना पड़ा है।

प्रदेश सरकार की पालिसी के तहत हरियाणा में 58 साल की उम्र में रिटायर होने वाले डाक्टर अब 65 वर्ष की आयु तक अपनी सेवाएं दे सकेंगे। शर्त इतनी कि उनकी पिछले 10 वर्षों की एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) देखी जाएगी। सात एसीआर अच्छी-बहुत अच्छी होंगी, तभी उन्हें क्लीनिकल कार्य हेतु विस्तार दिया जाएगा।

पानीपत में सिविल अस्पताल के सीनियर मेडिकल आफिसर एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डा. आलोक जैन 58 साल की आयु में 30 सितंबर को सेवानिवृत्त होंगे। मेडिसिन ओपीडी के कंसल्टेंट डा. जितेंद्र त्यागी, नेत्र रोग ओपीडी के कंसल्टेंट डा. एसके गुप्ता, नाक-कान-गला ओपीडी के कंसल्टेंट डा. भूपेश चौधरी और बापौली में नियुक्त डा. सुधीर बतरा पहले से ही एक्सटेंशन पर हैं। अब ये भी 30 सितंबर को जिम्मेदारी से मुक्त हो जाएंगे।

सेवा विस्तार पाने के लिए डा. भूपेश चौधरी को छोड़कर बाकी ने आवेदन कर दिया है। डा. चौधरी की आयु 65 साल के आसपास है। सरकार ने कार्य स्थान के नाम पर तीन जिले मांगे थे। चारों ने पानीपत, करनाल और सोनीपत जिला को प्रपत्र में भरा है। यह है सिविल अस्पताल की स्थिति

200 बेड के सिविल अस्पताल में मेडिकल आफिसर के 55 पद हैं। इनमें से 37 पद भरे हैं, 18 रिक्त हैं। डाइटिशियन, फिजियोथैरेपिस्ट दो-दो पोस्ट हैं, सभी रिक्त हैं। फिजिशियन की पोस्ट वर्षों से भरी नहीं गई। सीनियर मेडिकल आफिसर के पांच में से दो पद रिक्त हैं। डा. जैन के सेवानिवृत होने पर एक शिशु रोग विशेषज्ञ डा. निहारिका रह जाएंगी, डा. रिचा सावन यहां डेप्यूटेशन पर हैं। सेवा विस्तार के लिए मांगी मुख्य जानकारी

नाम-पता, आधार नंबर, नौकरी ज्वाइन करने व सेवानिवृत्ति तारीख, कितने साल की सेवा, अंतिम पोस्टिग, पे स्केल, अंतिम सेलरी कितनी, कोई जांच लंबित, विगत 10 वर्षों में मिली कोई सजा, संदिग्ध जांच, लंबित एफआइआर या केस, विशेषज्ञता, शारीरिक-मानसिक फिटनेस प्रमाण पत्र।

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