जागरण संवाददाता, पानीपत : पुलिस के ढीली पड़ते ही रेलवे रोड फिर जाम के आगोश में आ गया है। वन-वे फार्मूले की सरेआम धज्जियां उड़ रही हैं। रेहड़ी वालों ने फिर से दोनों तरफ रेहड़ियां खड़ी करनी शुरू कर दी है। ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई ढीली पड़ने से वाहन मालिकों ने भी वन-वे के फार्मूले की पालना बंद कर दी है। इससे दुकानदारों का व्यवसाय भी प्रभावित हो रहा है।

दुकानदारों की मानें तो चार महीने पहले डीसी सुमेधा कटारिया के वन-वे के आदेश से उन्हें काफी राहत मिली थी। ट्रैफिक पुलिस के डर से वाहन चालक वन-वे फार्मूले की पालना करते थे। नियमों की अवहेलना करने वाले वाहन चालकों के चालान काटे जाते थे। पीली पट्टी से बाहर रेहड़ी लगाने वालों और दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई होती थी। थानेदार बदलते ही रेलवे रोड के हालात फिर बदतर होने लगे हैं। सुबह और शाम के समय रोड पर जाम की स्थिति बनी रहती है।

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दुकानदार लेते हैं पैसे

रेलवे रोड पर रेहड़ी लगाने वालों ने बताया कि प्रशासनिक कार्रवाई से उन्हें काफी फायदा हुआ था। वे पीली पट्टी के अंदर बे-रोक टोक अपनी रेहड़ियां लगाकर सामान बेचते थे। पुलिस अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की। दुकानदारों ने परेशान नहीं किया। पुलिस कार्रवाई ढीली पड़ते ही दुकानदारों ने उन्हें दोबारा सड़क पर खड़ा होने के लिए मजबूर कर दिया है। दुकानदारों को चढ़ावा देकर रेहड़ी खड़ी करते हैं।

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वर्जन

वर्जन

राहगीरों की समस्या के बारे में कुछ समय पहले ही रेलवे रोड मार्केट यूनियन प्रधान से बातचीत हुई है। जल्द ही दुकानदारों के साथ बैठक की जाएगी। वन-वे फार्मूले को दोबारा सख्ती से लागू किया जाएगा।

-इंस्पेक्टर भारत भूषण, प्रभारी, ट्रैफिक थाना।

Posted By: Jagran