पानीपत, जेएनएन। एक तरफ जहां कांग्रेस अब तक अपने जिला अध्यक्ष तक तय नहीं कर सकी है, दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी ने जिलास्तर से लेकर प्रदेशस्तर तक कार्यकारिणी का गठन कर लिया है। प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्यों का भी सोमवार को एलान कर दिया गया। कार्यकारिणी में आठ नाम हैं, जिसमें दो नाम विशेष रूप से चौंकाने वाले हैं।

एक हैं पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी, दूसरे हैं जिला उपाध्यक्ष लोकेश नांगरू। टिकट कट जाने के बाद से रोहिता रेवड़ी पार्टी में सक्रिय नहीं हैं। वहीं, तवज्जो नहीं मिलने से लोकेश नांगरू किसी न किसी रूप में नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। लगातार दूसरी बार जीत दर्ज करने पर उन्हें उम्मीद थी कि नगर निगम में उन्हें सीनियर या डिप्टी मेयर बनाया जाएगा। वहीं, अन्य छह नाम भी ऐसे हैं, जिन्होंने अपनी पहुंच से कार्यकारिणी में जगह बना ली है। इनमें भी दो-तीन नाम ऐसे हैं, जो कम सक्रिय हैं।

नवीन टुटेजा और डा.सुरेंद्र फिर रह गए

नवीन भाटिया और डा.सुरेंद्र टुटेजा को उम्मीद थी कि उन्हें कार्यकारिणी में जगह मिलेगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। नवीन भाटिया के पिता नीतिसेन भाटिया मार्गदर्शक मंडल में शामिल हुए हैं। संभवत: इस वजह से नवीन का नाम नहीं आया। डा.सुरेंद्र टुटेजा अपनी बात स्पष्ट कहने से चूकते नहीं। उनकी पैरवी नहीं हो सकी।

पार्टी हाईकमान का सही फैसला है

भाजपा की जिला अध्यक्ष डा.अर्चना गुप्ता ने बताया कि पार्टी हाईकमान ने सही फैसला किया है। सभी को अवसर मिला है। कार्यकारिणी में केवल एक महिला को लिए जाने पर उन्होंने कहा कि प्रदेशस्तरीय टीम है। हाई कमान ने सही निर्णय लिया है। किसी चुनना है, किसे नहीं, यह पार्टी अध्यक्ष का अधिकार है। संगठन को सभी मिलकर मजबूत करेंगे।

विशेष आमंत्रित हैं पांच सदस्य

शशिकांत कौशिक, रमेश मलिक, राममेहर मलिक, कुलदीप कौशिक, सुलेख डिडवाड़ा विशेष आमंत्रित सदस्य हैं। यानी, आवश्यकता होने पर ही इन्हें बैठक में बुलाया जाएगा। रोहिता, लोकेश, मेघराज गुप्ता को इस मामले में तवज्जो मिली है। मेघराज युवा मोर्चा के जिला अध्यक्ष रह चुके हैं। राममेहर मलिक और कुलदीप कौशिक पूर्व महासचिव थे। शशिकांत कौशिक समालखा से चुनाव लड़ चुके हैं। राममेहर मलिक कई बार विधायक प्रमोद विज के साथ दिखाई दे जाते हैं। रमेश मलिक इस समय कम सक्रिय हैं।

रोहिता और पार्टी में बढ़ रही दूरी

रोहिता रेवड़ी और पार्टी संगठन के बीच दूरियां बढ़ती जा रही हैं। कुछ दिन पहले रोहिता रेवड़ी को एक कार्यक्रम में बतौर अतिथि आमंत्रित किया थ। तब रोहिता ने कहा था कि आखिर डेढ़ साल बाद ही उनकी याद क्यों आई। अब प्रदेश कार्यकारिणी में जगह दी गई है। दरअसल, रोहिता और उनके पति सुरेंद्र रेवड़ी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उनके समर्थकों की संख्या में कमी नहीं आई है।

Edited By: Anurag Shukla