जींद, जागरण संवाददाता। खटकड़ में किसानों के धरने पर खेड़ा खाप के प्रधान सतबीर बरसोला की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला द्वारा पर डोगा (छड़ी) से मारने का आरोप सतबीर पर ही भारी पडऩे लगा है। सोमवार को इनेलो के जिला प्रधान रामफल कुंडू ने कहा कि धरनास्थल पर कुछ लोगों में कांग्रेस के कीटाणु हैं। चौटाला ने किसी को डोगा नहीं मारा। कांग्रेस के कुछ लोग उन्हें बदनाम कर रहे हैं। बाद में स्वयं बरसोला भी अपने आरोप से मुकर गए। रविवार को उन्होंने आरोप लगाए थे, सोमवार को कहा कि चौटाला ने डोगा से नहीं मारा। जब वह आगे बढ़ रहे थे, तब उन्होंने कहा कि पीछे हट। उनके हाथ में डोगा था। आगे बढ़ते हुए डोगा घुमाया, वह मेरे पांव को थोड़ा सा भिड़ गया और मुझे कुछ नहीं लगा। न चोट लगी।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए जिला प्रधान रामफल कुंडू, व्यापार सेल के प्रदेश अध्यक्ष सतीश जैन व महिला प्रदेशाध्यक्ष सुमित्रा देवी ने कहा कि खटकड़ टोल से चौटाला के जाने के बाद सतबीर बरसोला ने धरने से दूर जाकर शरारती तत्वों के साथ वीडियो वायरल किया, जिसमें कहा कि चौटाला ने उन्हें डोगा मारा है। कुंडू ने कहा कि धरने की कमेटी ने पहले ही बता दिया था कि मंच व माइक साझा नहीं होगा। चौटाला साहब ने एक सेकेंड राम-राम करने के लिए माइक मांगा था। एक साथी माइक देने को तैयार था, लेकिन सतबीर बरसोला ने हाथ हिलाते हुए माइक न देने का इशारा कर दिया। फिर भी माइक न देने का कोई गुस्सा नहीं है। कुंडू ने कहा कि सतबीर बरसोला जैसे शरारती तत्वों को किसान आंदोलन कमेटी से दूर करना चाहिए। किसानों के लिए तो अभय चौटाला ने विधायक पद छोड़ दिया और बार्डर पर दो अस्पताल भी चला रहे हैं, जिनमें हर रोज एक लाख की दवाएं खर्च हो रही हैं।

गाजीपुर बार्डर पर बोलने दिया गया तो खटकड़ में क्यों नहीं

खटकड़ धरने पर आंदोलन का संचालन करने वाली कमेटी के सदस्य आजाद पालवां का कहना है कि गाजीपुर बार्डर पर संयुक्त किसान मोर्चा के अहम नेता राकेश टिकैत अपने बगल में चौटाला को बैठाते हैं। वहां चौटाला भाषण भी देते हैं। फिर खटकड़ टोल पर अपने लोगों से क्यों दुश्मनी मोल ली गई। चौटाला को माइक देना चाहिए था। जींद जिले के बद्दोवाल टोल पर भी तो किसानों ने चौटाला को माइक दिया और काफी देर तक बोले भी।

सतबीर बरसोला की दुष्यंत के साथ फोटो वायरल

सोमवार को इंटरनेट मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुई, जिसमें दुष्यंत चौटाला के पीछे सतबीर बरसोला बैठे हुए हैं। यह फोटो जेजेपी के गठन के बाद बिनैन खाप के दनौदा में चबूतरे की है। इसमें दुष्यंत के साथ बिनैन खाप प्रधान नफे ङ्क्षसह नैन बैठे हैं। दुष्यंत के पीछे सतबीर बरसोला हैं। बरसोला के कई ग्रामीणों ने कहा कि सतबीर जजपा का समर्थक था, अब कांग्रेसी बना हुआ है। उसने डोगा मारने का आरोप लगाकर ड्रामा रचा है।

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Edited By: Anurag Shukla