कैथल, जागरण संवाददाता। शुगर मिल में गन्ना की पिराई के दौरान मिल प्रशासन की तरफ से शुरू किए नए नियमों से खफा किसानों ने मिल में ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी कर रोष प्रदर्शन किया। किसानों ने कहा कि इस बार किसानों को मिल में गन्ना बेचने को लेकर काफी दिक्कत आ रही है, जो नए नियम मिल प्रशासन लागू कर रहा है, उससे किसानों में रोष है। इस बार गन्ना के सैंपल लेकर भाव तय किया जा रहा है। गन्ना का प्रति क्विंटल 362 रुपये भाव, लेकिन सैंपल लेकर गन्ना में चीनी कम निकलने की बात कह किसानों का गन्ना कम भाव पर खरीदा जा रहा है।

किसानों ने बताया कि पहले जले हुए गन्ने का ही सैंपल लिया जाता था, लेकिन अब तो हर मिल में आ रहे हर गन्ने का सैंपल लिया जा रहा है। सैंपल में क्या रिपोर्ट आ रही है, इसे भी किसानों को नहीं बताया जा रहा है। मिल प्रशासन की तरफ से जारी नियमों को लेकर किसानों ने रोष जताया। कहा कि अगर पहले की तर्ज पर किसानों का गन्ना नहीं खरीदा गया तो वह हड़ताल करने पर मजबूर हो जाएंगे। किसानों अपनी मांग को लेकर शुगर मिल प्रबंधक सतविंद्र सिवाच से भी मिले।

मांग पूरी नहीं हुई तो हड़ताल करने पर मजबूर हो जाएंगे किसान 

किसान संघ के प्रांतीय सचिव गुल्तान नैन, रणदीप आर्य, जगदीश खुराना, महेंद्र सिंह फतेहपुर, पाला राम ने बताया कि जिलेभर से किसान यहां मिल में गन्ना लेकर आते हैं। गांव क्योड़क, कठवाड़, करोड़ा, नैना, धाैंस, बूढाखेड़ा, जाखौली, टयोंठा, सिरटा, काकौत, बलवंती, खुराना के किसान गन्ना लेकर मिल में पहुंचे। किसानों ने मिल प्रशासन की कार्यप्रणाली से खफा होकर गन्ने से भरी ट्रैक्टर-ट्राली खड़ी कर रोष जताया। किसानों ने मिल के पार्क में धरना शुरू करते हुए कहा कि जब तक मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा तब तक रोष जारी रहेगा।

गन्ने के किसानों का शोषण किया जा रहा है

संघ के प्रांतीय सचिव गुल्तान नैन ने कहा कि गन्ना की खेती करने वाले किसानों पर नए-नए नियम लागू कर शोषण किया जा रहा है। एक तरफ तो सरकार किसानों के हित की बात करती है, लेकिन दूसरी तरफ किसानों पर नए-नए लागू कर उनको परेशान करने का काम किया जा रहा है। किसानों ने बताया कि इस बार गन्ने केे सैंपल लेने के नाम पर किसानों को कम भाव गन्ने के लिए जा रहे हैं, जबकि आज तक ऐसा कोई नियम लागू नहीं हुआ था। किसानों ने कहा कि इस बार गन्ने की फसल में बीमारी के चलते पहले ही उत्पादन कम निकल रहा है। 

चीनी कम निकल रही है

शुगर मिल एमडी सतविंद्र सिवाच ने बताया कि किसान कुछ मांगों को लेकर उनसे मिले थे। इस बार गन्ने की फसल में बीमारी आने के कारण चीनी कम निकल रही है, इसके चलते किसानों को साफ-सुथरा गन्ना ही मिल में लाने की बात कही गई है, कुछ किसान अच्छा गन्ना भी लेकर आ रहे हैं। कुछ गन्ने की गुणवत्ता अच्छी न होने के कारण किसानों को अच्छा गन्ना मिल में लाने की बात कही जाती है। रिकवरी बढ़ाने के लिए मिल प्रशासन हर बिंदुओं पर कार्य कर रहा है। 

Edited By: Rajesh Kumar