कैथल, जागरण संवाददाता। शहर की तीनों अनाज मंडियों से चीका राइस मिलरों की खरीद बंद करने से खफा किसानों व आढ़तियों ने जमकर बवाल काटा। उन्होंने पहले मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव किया। इसके बाद जींद रोड पर जाखौली अड्डा के नजदीक जाम लगा दिया। इस जाम के कारण यातायात प्रभावित हो गया। किसान व आढ़तियों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन यहां स्थानीय राइस मिलरों से मिला हुआ है। इस कारण चीका राइस मिलरों की खरीद को बंद करवा दिया।

धान के भाव गिरने से और नुकसान

चीका राइस मिलरों ने पीआर धान को एमएसपी से भी 200 से 300 रुपये ज्यादा खरीदा, लेकिन खरीद बंद करते ही 200 रुपये धान के भाव कम हो गए। इससे खफा होकर आढ़तियों व किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय में रोष प्रदर्शन किया। सूचना मिलने के बाद एसडीएम संजय कुमार व खरीद एजेंसियों के अधिकारी मौके पर पहुंचे। इस दौरान आढ़तियों, किसान यूनियन के सदस्यों के साथ करीब दो घंटे तक वार्ता हुई। बात सिरे नहीं चढ़ने पर किसानों व आढ़तियों ने मार्केट कमेटी कार्यालय से उठकर नेशनल हाईवे पर आकर बैठक गए।

प्रशासन की मिलीभगत का आरोप

किसानों व आढ़तियों ने कहा कि प्रशासन की मिलीभगत के चलते ऐसा हो रहा है। जब सरकार ये आदेश जारी कर चुकी है कि कोई भी राइस मिलर किसी भी मंडी से धान खरीद सकता है तो चीका राइस मिलरों को यहां खरीद करने से क्यों रोका जा रहा है। करीब ढ़ाई घंटे तक जाम लगा रहा। इसके बाद एसडीएम संजय कुमार ने किसान व आढ़तियों की मांग पूरी करने का आश्वासन दिया। इसके बाद जाम खोल दिया। एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर रविवार को डीसी डा. संगीता तेतरवाल की अध्यक्षता में राइस मिलरों के साथ बैठक होगी।

बाबा लदाना मंडी में एक राइस मिलर कर रहा खरीद

मार्केट कमेटी कार्यालय में एकत्रित हुए किसानों व आढ़तियों ने गांव बाबा लदाना में खरीद केंद्र पर हो रही धांधली को लेकर रोष जताया। किसानों ने कहा कि हरियाणा राइस मिलर एसोसिएशन के प्रधान का यह राइस मिल है। एक ही राइस मिलर यहां ज्यादा दिनों तक खरीद करता है, जबकि दूसरे राइस मिलर को एक या दो दिन ही दिए जाते हैं। यह जब प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है। इस बारे में जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। यदि धांधली जल्द बंद नहीं हुई तो किसान केंद्र को ताला लगाने पर मजबूर हो जाएंगे।

मंडी एसोसिएशन के जिला प्रधान की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

किसानों व कुछ आढ़तियों ने जिला मंडी एसोसिएशन के प्रधान अश्विनी शोरेवाला पर भी कैथल राइस मिलरों के साथ मिलकर कम भाव पर धान बिकवाने का आरोप लगाया। किसान व कुछ आढ़तियों ने कहा कि जिला प्रधान वह होना चाहिए, जो जिलेभर की मंडियों की एसोसिएशन में प्रधान हो।जिस व्यक्ति के पास कोई पद ही नहीं है वे जिला प्रधान कैसे हो सकता है। इसलिए मौजूदा प्रधानों में से ही एक को जिला प्रधान पद की जिम्मेदारी दी जाए ताकि किसानों व आढ़तियों की समस्याओं को अच्छी तरह से उठाया जा सके।

"भाकियू नेता होशियार गिल, महावीर नरड़ ने कहा कि दो-तीन दिनों से कैथल शहर की तीनों अनाज मंडियों में अच्छे भाव किसानों को मिल रहे थे। शनिवार को चीका राइस मिलरों की खरीद बंद करने से किसानों व आढ़तियों को नुकसान हुआ है। इससे खफा होकर किसानों ने पहले मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव किया, इसके बाद जाम लगाया। किसानों की हो रही अनदेखी को किसी भी रूप में सहन नहीं किया जाएगा।"

Edited By: Anurag Shukla

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