कैथल, जागरण संवाददाता। कैथल की तीनों मंडियों से चीका राइस मिलरों की पीआर धान की खरीद पर प्रशासन द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने से खफा किसानों ने बुधवार को हिसार-चंडीगढ़ नेशनल हाइवे पर स्थित अतिरिक्त अनाज मंडी के बाहर जाम लगा दिया। किसान पहले मार्केट कमेटी कार्यालय में इकट्ठा हुए, यहां से रोष प्रदर्शन करते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालय में पहुंचे।

जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक प्रमोद कुमार के न मिलने से किसानों ने रोष प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। इसके बाद किसान अतिरिक्त अनाज मंडी के बाहर पहुंचे और जाम लगा दिया। सूचना मिलने के बाद नई अनाज मंडी चौकी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। किसानों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसानों ने उनकी बातों को अनसुना कर दिया। इसके बाद एसडीएम डा. संजय कुमार व डीएफएससी प्रमोद कुमार किसानों के बीच पहुंचे। किसानों को समझाते हुए शांत किया। एसडीएम ने कहा कि चीका राइस मिलरों को धान खरीदने की मंजूरी दे दी है, अब कोई परेशानी नहीं आएगी। इसके बाद किसानों ने जाम खोल दिया। वहीं किसानों द्वारा लगाए गए जाम से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। यातायात पुलिस कर्मचारियों ने वाहनों के रूट बदल कर वाहनों को चंदाना गांव से निकाला।

चीका राइस मिलरों पर प्रतिबंध लगाने से कम हो गए पीआर धान के भाव

भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष होशियार गिल, महावीर सिंह ने कहा कि प्रशासन किसानों का शोषण कर रहा है। जब से मंडी में धान सीजन चला है, तब से चीका के राइस मिलर पीआर व 1509 धान को अच्छे भाव पर खरीद रहे है। प्रशासन ने अब चीका राइस मिलरों को यहां से धान खरीदना पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे किसानों को काफी नुकसान हो रहा है। बुधवार को 150 रुपये कम भाव पर पीआर धान बिका। इससे किसानों व आढ़तियों में रोष है। किसानों ने कहा कि पीआर धान का सरकारी भाव 1960 रुपये प्रति क्विंटल है। चीका राइस मिलर इससे ज्यादा भाव में धान खरीद रहे थे। बुधवार को चीका राइस मिलरों ने धान नहीं खरीदा। कैथल राइस मिलर 150 रुपये कम भाव पर धान खरीद रहे हैं, इससे किसानों में रोष बढ़ रहा है। किसानों ने प्रशासन पर कैथल राइस मिलरों के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया।

उठान का कार्य धीमा होने से बनी जाम की स्थिति

शहर की तीनों मंडियों में इस समय जाम की स्थिति बनी हुई है। उठान को लेकर आनलाइन गेट पास काटने का कार्य धीमा होने से मंडी से उठान नहीं हो पा रहा है। वहीं गाड़ियां भी कम मिल रही हैं। नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान श्याम लाल गर्ग, उपप्रधान धर्मपाल कठवाड़ डीएफएससी से मिलने पहुंचे, लेकिन अधिकारी के न मिलने पर वापस लौट आए। आढ़तियों ने कहा कि आवक तेज हो गई है, लेकिन उठान धीमा है। हर बार सीजन में शाम पांच बजे से रात के 11 बजे तक उठान की व्यवस्था होती थी, लेकिन इस बार आनलाइन गेट पास काटने के कारण ऐसी व्यवस्था बनाने में परेशानी आ रही है। प्रशासन को इस तरफ ध्यान देने की जरूरत है।

दो लाख 91 हजार 351 मीट्रिक टन धान की हुई आवक : डीसी

जिला की विभिन्न मंडियों में खरीद एजेंसियों द्वारा दो लाख 91 हजार 351 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई। उपायुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि जिला में विभिन्न स्थानों पर संचालित मंडियों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदा जा रहा है। किसानों की सुविधा के लिए मंडियों में उचित प्रबंध भी किए गए हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक दो लाख 91 हजार 351 मीट्रिक टन धान की खरीद कर ली गई है।

Edited By: Naveen Dalal