पानीपत, जेएनएन। जीटी रोड स्थित रोड़ धर्मशाला में एक-एक कर 200 से अधिक मजदूर जमा हो गए। ये सभी काबड़ी रोड, बरसत रोड, ओल्ड इंडस्ट्री एरिया, बाबरपुर आदि की फैक्टियों में काम करते थे। पुलिस-प्रशासन ने फैक्टियों के मालिक और ठेकेदारों को बुलाकर, मजदूरों को उनके सुपुर्द कर दिया।

गौरतलब है कि लॉकडाउन के चलते फैक्टियां बंद हो चुकी हैं। मालिकों-ठेकेदारों ने लाखों मजदूरों को घर बैठने के लिए कह दिया। मकान-मालिक का किराया और भरण-पोषण पर संकट देख मजदूर सड़कों पर उतरकर अपने गृह जनपदों की ओर पैदल लौटने लगे।मजबूरी में प्रदेश सरकार को 75 बसें चलानी पड़ी।

रविवार को पुन: आदेश जारी हुआ कि मजदूरों को बाहर न निकलने दें, इससे कोरोना वायरस सोसाइटी में फैलने का डर है। आनन-फानन में जिला प्रशासन ने अस्थायी बसेरे चिन्हित कर दिए, इन्हीं में रोड धर्मशाला भी शामिल थी।

धर्मशाला में ड्यूटी दे रहे पुलिसकर्मियों ने बताया कि सभी मजदूरों के रहने-खाने की जिम्मेदारी फैक्ट्री मालिकों-ठेकेदारों को दी गई है। उधर, डीसी हेमा शर्मा ने कहा कि किसी उद्यमी की लेबर सड़कों-गलियों में भटकती दिखी या दूसरे जिले में मिली तो उसके खिलाफ अधिनियम की धारा 51 के तहत कार्रवाई की जाएगी। सजा और आर्थिक दंड दोनों भुगतने पड़ सकते हैं।

फैक्टियों में काम करने वाले मजदूरों के सामने लॉकडाउन के दौरान आ रही समस्याओं को लेकर पानीपत ग्रामीण विधायक महीपाल ढांडा ने सोमवार को सेक्टर 11-12 स्थित समाजसेवी बसंत रामदेव के आवास पर शहर की विभिन्न व्यापारिक एसोसिएशनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। एसोसिएशनों के प्रधानों व अन्य पदाधिकारियों ने कहा कि पानीपत के फैक्ट्री मालिक लॉकडाउन के दौरान श्रमिकों को कोई परेशानी नहीं आनें देंगे। इस अवसर पर सीटीएमए प्रधान राकेश चुघ, कृष्ण आर्य, शभू लखीना, भीम सचदेवा, बसंत रामदेव, गुलशन अरोड़ा, अजय आहूजा, जोगेंद्र खुराना, त्रिलोचन सेठी मौजूद रहे।

जिलाधीश हेमा शर्मा ने फैक्ट्री मालिकों को एफआइआर की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पानीपत के किसी उद्यमी की लेबर कहीं दूसरे जिले में भी पाई जाती है तो संबंधित फैक्ट्री मालिक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाएगा। पानीपत के उद्यमी अपनी लेबर का खुद ध्यान रखें। उनकी मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति करना उनकी जिम्मेदारी है। उनके रहने और खाने की व्यवस्था मालिकों को ही करनी होगी। उन्होंने कहा कि लापरवाही पाए जाने पर अधिनियम की धारा 51 के तहत दंड देने की कार्रवाई की जाएगी, जिसमें सजा और आर्थिक दंड दोनों का प्रावधान है।

 

Posted By: Anurag Shukla

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