जागरण संवाददाता, पानीपत: सिविल अस्पताल के मीटिग रूम में आशा वर्कर्स के अंतिम बैच को ट्रेनिग दी गई। आशा वर्कर्स ने शुगर, ब्लड प्रेशर, मुंह, स्तर और बच्चेदानी के कैंसर से पीड़ित मरीजों को चिह्नित करने के लिए घर-घर दस्तक देनी शुरू कर दी है। नेशनल प्रोग्राम फॉर प्रिवेंशन एंड कंट्रोल ऑफ कैंसर डॉयबिटीज कार्डियोवस्क्यूलर डिजीज एंड स्ट्रोक (एनपीसीडीसीएस) के तहत यह ट्रेनिंग दी जा रही है।

पूनम ने मुताबिक स्क्रीनिग सर्वे पूरा होने के बाद शुगर और रक्तचाप की जांच हर घर में प्रत्येक वर्ष होगी। कैंसर की जांच पांच साल बाद फिर से कराई जाएगी। इस मौके पर लेडी हेल्थ विजिटर सुदेश कुमारी भी मौजूद रहीं।

जिला आशा वर्कर्स समन्वयक पूनम ने बताया कि जिले में कुल 924 वर्कर्स हैं। इनमें 742 देहात, 152 पानीपत शहर और 30 समालखा शहर क्षेत्र में हैं। करीब 76 वर्कर्स किन्हीं कारणों से निर्धारित समय पर प्रशिक्षण नहीं ले सकी थीं। सभी की ट्रेनिग शुक्रवार को पूरी हो जाएगी। पहली बार पांचों रोगों के मरीज चिह्नित किए जाएंगे। संभावित रोगी को जांच और उपचार के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्हें सीएचसी या सिविल अस्पताल स्थिति एनसीडी क्लीनिक में इलाज के लिए लाया जाएगा। किसी पुरुष की छाती में कैंसर के लक्षण दिखें तो उसे भी अस्पताल भेजा जाएगा।

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Posted By: Jagran

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