जागरण संवाददाता, पानीपत : नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस सर्टिफिकेट (एनक्वास) का मूल्यांकन करने के लिए केंद्र द्वारा गठित टीम सोमवार को दो दिवसीय दौरे पर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) सिवाह पहुंची। टीम में तेलंगाना के डा. पी श्रीनिवासन श्रीराम व बंगाल की डा. सुनयना चौधरी शामिल रहीं।

एनक्वास के जिला नोडल अधिकारी डा. बिजेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि टीम ने चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ और चतुर्थ श्रेणी स्टाफ को दी गई ट्रेनिग के बारे में पूछा। ओपीडी में रोजाना आने वाले मरीजों, भर्ती किए गए मरीजों की संख्या पूछी। भर्ती मरीजों को किस प्रकार की सुविधाएं दी जाती रही हैं, उसका रिकार्ड देखा। मेडिकल बायोवेस्ट को अलग-अलग रंग के डिब्बों में रखने की जानकारी नर्सिंग स्टाफ व चतुर्थ श्रेणी स्टाफ से ली। फर्श पर कब गीला, कब सूखा पोछा लगाया जाए, आग लगने की स्थिति में अग्निशमन यंत्र को कैसे चलाया जाए, इसका प्रेक्टिकल कराया। डा. हुड्डा के मुताबिक पीएचसी सिवाह को तीन साल पहले एनक्वास मिला था। वह अवधि खत्म होने वाली है।

अब रि-सर्टिफिकेशन के लिए मूल्यांकन किया गया है। इस मौके पर डा. मनदीप, डा. तरुण, डा. मनीष पासी, डा. सुनिधि वर्मा, डा. सोनिका, डा. भावना मौजूद रहे। यह है एनक्वास

एनक्वास भारत सरकार की संस्था है। सरकारी अस्पतालों को उनकी सेवाओं के मापदंडों का मूल्यांकन करती है। विभिन्न विभागों का रख-रखाव, कामकाज का तरीका, लैब, फार्मेसी सहित प्रशासनिक कार्यों को परखा जाता है। सिविल अस्पताल भी एनक्वास की तैयारी में

सिविल अस्पताल की चाह भी एनक्वास है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन धीरे-धीरे कमियों को सुधार रहा है। भविष्य में टीम मूल्यांकन के लिए आएगी। वह 100 में से 70 अंक देकर गई तो अस्पताल प्रशासन एनक्वास के लिए आवेदन कर सकेगा।

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