जागरण संवाददाता,समालखा : 220 केवीए से छदिया पावर हाउस को जाने वाली लाइन का काम लगभग पूरा हो चुका है। फिलहाल, जर्जर तारों को बदला गया है। 70 की जगह 150 एमएम दक्षता के नए तार इस लाइन पर लगाए गए हैं। मनाना 33 केवीए लाइन के तारों को बदलने के लिए करीब 80 लाख का बजट तैयार कर स्वीकृति के लिए उच्चाधिकारियों के पास भेजा गया है।

उल्लेखनीय है कि 220 केवीए पावर हाउस से छदिया और मनाना की अलग-अलग लाइन गई है, जिसकी दूरी आठ किमी के करीब है। दोनों लाइनों में दर्जन के करीब रेलवे ट्रैक और सड़कों की क्रासिग है, जहां अंडर ग्राउंड केबल डाली हुई है। लाइनों के बीच में भी अलग-अलग गुणवत्ता और दक्षता के बिजली तार लगे हैं। सप्लाई में हमेशा दिक्कत आती है। आंधी और तूफान के समय लाइन ब्रेकडाउन हो जाती है। खेतों से गुजरने के कारण पूरी लाइन की पेट्रोलिग करना कठिन होता है। फसल सीजन में तो किसान धरना प्रदर्शन पर उतर आते हैं। पुराने जर्जर तारों की जगह अधिक क्षमता के नए तारों के लगने से सभी को इसका लाभ मिलेगा। निगम अधिकारियों की परेशानी भी कम होगी। लाइन लास में बचत होगी।

पावर हाउस के पास बनेगा टावर

150 एमएम केबल के भारी होने से पावर हाउस के पास एच पोल की जगह टावर बनेगा। संयुक्त एच पोल से गुजरने पर भी दोनों लाइनों के बीच छह फीट की दूरी होगी। दोनों लाइनों को पूरी तरह अलग अलग किया जाएगा,, जिससे इंडक्शन का खतरा नहीं रहेगा। फाल्ट आने पर केवल सुरक्षा के लिए परमिट लेना होगा। पहले एक के फाल्ट से दूसरी लाइन की सप्लाई भी प्रभावित रहती थी। उपभोक्ताओं को इससे परेशानी होती थी। मनाना पावर हाउस के निर्माण के समय से ही इसे अलग करने की मांग चल रही थी, लेकिन संसाधन के अभाव में इसे अलग नहीं किया जा रहा था।

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