कैथल [कमल बहल] इस बार कैथली में बिजली निगम की बिजली बिलों और बिजली की चोरी का जुर्माना वसूलने में बल्ले-बल्ले रही है। लॉकडाउन के बाद से जहां सरकारी भवनों में कम कामकाज हुआ, वहीं बिजली निगम पिछले तीन माह में अच्छी रिकवरी हासिल करने में सफल रहा है। इस दौरान निगम ने सरकारी भवनों के बिजली बिल की 30 करोड़ रुपये राशि वसूली है। जिसमें सबसे अधिक जनस्वास्थ्य विभाग की है। जनस्वास्थ्य विभाग में पिछले वर्ष गर्मी के सीजन के दौरान करीब 17 करोड़ रुपये बकाया था। पिछले वर्ष इसमें से केवल चार करोड़ रुपये की ही राशि निगम के पास आई है। जबकि इस बार बची हुई 13 करोड़ रुपये की पूरी राशि निगम के पास जमा हुई है। इसके अलावा करीब 17 करोड़ रुपये की राशि अन्य सरकारी भवनों से बिल के रुप में आई है। कैथल में 43 करोड़ रुपये का रेवेन्यू आया है।

गर्मी में होती है बिजली की अधिक खपत :

बता दें कि गर्मी में जहां आम जनता के बिजली की खपत बढ़ जाती हैं। वहीं, सरकारी भवनों में भी पब्लिक डीलिंग अधिक होने के कारण बिजली अधिक खर्च होती है। इस बार लॉकडाउन के कारण जिला में राजकीय स्कूलों में खपत हो नहीं हुई, लेकिन बिजली बिल तो आया है। वहीं, सरकार ने बिजली बिल का बजट दिया है। जिस कारण इस बार सभी सरकारी विभागों से बिजली बिल की अदायगी हुई है।

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निगम के एसई बीएस रंगा ने बताया कि सरकार के आदेशों के तहत बिजली के बिलों की रिकवरी पर अधिक फोकस किया गया है। इसके लिए सभी एसडीओ से हर माह में दो बार बैठक कर रिकवरी को लेकर जानकारी ली जाती है। जो व्यक्ति निगम का डिफाल्टर होता है। ऐसे में उसका कनेक्शन काटा जाता है, लेकिन बाद में पूरा बिल देकर अपना कनेक्शन लेता है। ऐसे निगम रिकवरी के मामले में काफी तेजी से कार्य कर रहा है।

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