जागरण संवाददाता, पानीपत : सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं नहीं होने का दंश झेल रहे जिले के मरीजों कुछ माह और सब्र करना होगा। जिले के 10 सब सेंटरों के अपग्रेड कर उन्हें हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाए जाने की पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। अब आठ प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों में भी हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे। हरियाणा स्वास्थ्य विभाग के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी आरआर जोवल की ओर से पंचकूला में बुलाई गई सिविल सर्जनों की बैठक में यह निर्णय लिया गया।

सिविल सर्जन डॉ. संतलाल वर्मा ने बताया कि जिले के गांव दीवाना, गढ़ी सिकंदरपुर, शिमला मौलाना, डिडवाड़ी, रिसालु, गढ़ी बेसिक, शेरा, भादड़, शाहपुर और किवाना सब सेंटर को अपग्रेड कर हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाए जाने को पहले ही मंजूरी मिल चुकी है। बि¨ल्डग की मरम्मत आदि को लेकर पंचायती राज विभाग के अधिकारियों से चर्चा हुई है। अब सिवाह, काबड़ी, ऊझा, मतलौडा, कवि, मांडी, नौल्था और चुलकाना के प्राथमिक स्वास्थ्य केद्रों में भी हेल्थ वेलनेस सेंटर बनेंगे। मरीजों को पहले पीएचसी के अंतर्गत गांवों में बनने वाले सेंटरों में इलाज के लिए जाना होगा। वहां से रेफर हुआ मरीज पीएचसी पहुंचेगा। पीएचसी में भी इलाज नहीं मिला तो मरीज को सिविल अस्पताल रेफर किया जाएगा।

सिविल सर्जन ने बताया कि सिविल अस्पताल से मरीजों का दबाव कम करने के लिए सरकार ने जिले में 18 हेल्थ वेलनेस सेंटर बनाए जाने का निर्णय लिया है।

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हेल्थ वेलनेस सेंटर में यह होगा स्टाफ

सेंटर में एक आयुष विभाग के एमओ (मेडिकल ऑफिसर), दो स्टाफ नर्स, एक फार्मासिस्ट, एक लैब टेक्निशियन, एक एएनएम एक एमपीएचडब्ल्यू होंगे। सभी के लिए आवास की सुविधा होगी। मरीजों को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत भर्ती किया जाएगा।

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एसएनसीयू भी प्रदेश में टॉप पर :

सिविल अस्पताल का सिक न्यू बोर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) सुविधाओं के मामले में प्रदेश में टॉप पर है। वर्ष 2017 में एसएनसीयू में तीन नवजात शिशुओं की मौत हुई है, जबकि नारनौल दूसरे नंबर पर रहा है। शिशु रोग विशेषज्ञ एवं एसएनसीयू के इंचार्ज डॉ. दिनेश दहिया ने बताया कि 14 ओपन रेडिएंट वॉर्मर, 14 मल्टी पैरा पल्स ऑक्सीमीटर, 18 इंफ्यूजन पंप, पांच फोटो थैरेपी मशीन सहित डॉक्टर और नर्स की उपस्थिति आदि ने पानीपत के एसएनसीयू को टॉप पर पहुंचाया है। कुछ अन्य मशीनरी और स्टाफ की डिमांड भेजी गई है।

By Jagran