करनाल, जागरण संवाददाता। 118 साल बाद करनाल में दशानन का कद अचानक छोटा हो गया है। लोग दशानन को देखने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। ऐतिहासिक कर्णनगरी में दशानन के लिए इजाजत देरी से मिलने पर कद छोटा करना पड़ गया। कर्णनरी के सेक्‍टर चार के मैदान विशाल दशहरा मेला लगता है।

दशहरे पर रावण के कुनबे के दहन की इजाजत प्रशासन से देरी से मिलने की वजह से पुतलों का कद छोटा रखा गया है। रावण का कद 65 फीट और कुंभकरण व मेघनाद का पुतला 60-60 फीट का बनाया गया है। हालांकि इजाजत करीब 15 से 20 दिन पहले मिल जाती तो पुतला का कद 10-10 फीट तक बढ़ा दिया जाता। अलबत्ता शुक्रवार के सेक्टर चार के मैदान में दशहरा पर्व पर मेला लगेगा और यही पर पुतलों का दहन होगा।

श्रीरामलाल सभा की ओर से पर्व को धूमधाम मनाने की तैयारियां चल रही है। कई साालों से करनाल में आकर पुतले बनाने वाले उत्तरप्रदेश के गंगोह कस्बे के कारीगर अरशद खान का कहना है कि उनकी कई पीढ़ियां इस काम से जुटी रही है। रावण सहित इसके कुनबे को बनाने के लिए कारीगर को समय कम मिला। क्योंकि करीब 12 दिन पहले ही प्रशासन ने सभा को इस आयोजन की इजाजत दी। इसके बाद तुरंत कारिगर से संपर्क किया गया और वह भी तुरंत करनाल पहुंच गए। इसके बाद तेजी से काम करते हुए पुतलों को तय समय पर तैयार करने की सफलता भी हासिल कर ली। सभा की ओर से सेक्टर चार के मैदान में शाम साढ़े चार बजे कार्यक्रम शुरू कर दिया जाएगा। इससे पहले शहर में शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो मुख्य बाजारों से होते हुए सेक्टर चार के मैदान में पहुंचेंगी।

सभा की ओर से 118 साल से आयोजन

सभा के पदााधिकारी गौरव गर्ग का कहना है कि सभा की ओर से यह आयोजन 118 साल से करवाया जा रहा है। पिछले साल कोरोना की वजह से रावण दहन नहीं हुआ था। इस बार इस आयोजन की इजाजत देरी से मिली। बावजूद इसके समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। शाम करीब साढ़े चार बजे समारोह शुरू हो जाएगा। शाम करीब साढ़े पांच बजे पुतलों का दहन किया जाएगा। समारोह में मुख्य अतिथि सांसद संजय भाटिया होंगे। जबकि विशेष अतिथि घरौंडा के विधायक हरविंद्र कल्याण, इंद्री के विधायक रामकुमार कश्यप, सीएम के करनाल विधानसभा प्रतिनिधि संजय बठला, भाजपा जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा व कोषाध्यक्ष बृज गुप्ता होंगे।

Edited By: Anurag Shukla