पानीपत/कैथल, [कमल बहल]। कुरुक्षेत्र-नरवाना रेल मार्ग पर विद्युतीकरण ट्रेन का तोहफा तो मिल चुका है, लेकिन रेल यात्रियों के लिए कैथल से पटियाला रेल लाइन एक सपना बना है, जिसे पूरा होने का इंतजार यात्री कई दशकों से कर रहे हैं। इस रेल मार्ग के निर्माण को लेकर रेलवे ने वर्ष 2016 में सर्वे शुरू किया था, जो वर्ष 2018 में पूरा भी हो गया था। परंतु इस सर्वे के पूरा और पास होने के बावजूद रेलवे की ओर से इस रेल लाइन के निर्माण को लेकर कोई कार्य नहीं किया गया। सर्वे पूरा होने के बाद एजेंसी ने इसकी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को दे दी थी, लेकिन बोर्ड की ओर से दो वर्ष का समय बीत जाने के बावजूद इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।

पंजाब के जिलों से रेल मार्ग से जुडऩे की बढ़ेंगी संभावनाएं

बता दें कि यदि कैथल से पटियाला रेल लाइन का निर्माण होता है तो कैथल से पटियाला के अलावा अन्य जिले रेल मार्ग से जुड़ सकेंगे। यही नहीं इससे अमृतसर और लुधियाना की दूरी कम होगी। इसके साथ ही रेल लाइन का निर्माण होने के बाद अंबाला के रास्ते के अलावा यह काफी छोटा रूट बनेगा। यही नहीं यदि केंद्र सरकार पटियाला तक नई रेल लाइन बनाने को लेकर कार्य करती है तो कैथल के लोगों को रेलवे स्टेशन के जंक्शन बनने की एक नई सौगात मिलेगी।

कुरुक्षेत्र के सांसद उठा चुके हैं मांग

कैथल-पटियाला तक नई रेल लाइन बनाने की मांग कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद नायब सैनी संसद भवन में सत्र के दौरान दो बार उठा चुके हैं। इस दौरान सांसद ने कैथल के जिले की लोगों की काफी पुरानी मांग का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से इस मांग को पूरा करने की सिफारिश की है। सांसद नायब सैनी ने सत्र के दौरान कहा था कि यदि इस रेल लाइन का निर्माण होता है तो यहां व्यापार के नजरिए भी काफी विकास हो पाएगा।  

मांग दशकों पुरानी

रेल यात्री कल्याण समिति के चेयरमैन सतपाल गुप्ता ने बताया कि कैथल जिला के रेलवे स्टेशन को इसके निर्माण के 150 वर्ष बाद बिजली से चलने वाली ट्रेन मिली है, लेकिन कैथल से लेकर पटियाला तक नई रेल लाइन की मांग जिला के लोगों की कई दशकों पुरानी है। जिस पर सर्वे तीन वर्षों के बाद पूरा हुआ है।

दो सांसद ध्यान दें तो हो सकती है मांग पूरी

समाजसेवी अश्वनी हृतवाल ने कहा कि पटियाला रेल लाइन बहुत पुरानी मांग है। रेलवे बोर्ड इसे हरी झंडी दें तो यह काफी बड़ी सौगात होगी। यदि इस मांग पर कुरुक्षेत्र और पटियाला के सांसद ध्यान दें तो यह मांग जरूर पूरी हो सकती है। यह जिला सबसे अधिक राजनैतिक रूप से पिछड़ा हुआ है। जिस कारण पटियाला तक रेल लाइन का निर्माण होना चाहिए। जिले में चीका मंडी भी प्रदेश की काफी बड़ी मंडी है। यदि रेल लाइन बनती है तो यह इससे जुड़ेगा। इसके साथ ही इस क्षेत्र के कई गांव भी रेल मार्ग से जुड़ सकेंगे।

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