प्रदीप शर्मा, करनाल। गेहूं की फसल के बड़़ी बीमारी फैलने का खतरा है। यह खतरा बंग्‍लादेश से आ रहे गेहूं के बीज के कारण पैदा हुआ है। बांग्लादेश में व्हीट ब्लास्ट बीमारी ने तबाही मचा रखी है। जानकारी मिलने के बाद भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के विज्ञानियों ने भी वहां पर जाकर जांच की है। पता चला है कि इस बीमारी से गेहूं की 80 से 100 प्रतिशत फसल खराब हो गई। एक दाना भी नहीं बचता। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विज्ञानियों की बात केंद्र सरकार से हुई है और बांग्‍लादेश से गेहूं के बीज लाने पर रोक लगा दी गई है1

व्हीट ब्लास्ट बीमारी ने बांग्लादेश में मचाई है तबाही, भारत में गेहूं के बीज के आने पर रोक, अलर्ट पर बीएसएफ

बांग्लादेश के साथ लगते बिहार के क्षेत्र कटिहार, पूर्णिया, पश्चिमी बंगाल के क्षेत्र मालदा, मुर्सीदाबाद क्षेत्र को हाई अलर्ट पर कर दिया गया है। यहां पर तैनात बार्डर सिक्योरिटी फोर्स को भी अलर्ट किया गया है। विज्ञानियों ने बीएसएफ को इस बीमारी के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद बांग्लादेश की तरफ से गेहूं के बीज पर आने से पूर्ण रूप से पाबंदी लगाई गई है। अच्छी बात यह है कि अभी तक देश में व्हीट ब्लास्ट का कोई मामला सामने नहीं आया है। बीएसएफ को अलर्ट पर कर दिया गया है। स्थानीय किसानों के भी इस बारे में जानकारी प्रदान कर दी गई है।

इस बीमारी की आहट के बाद से हमने क्या तैयारियां की

भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के निदेशक डा. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि देशभर में हमने 27 किस्में ऐसी तैयार करने में सफलता हासिल कर ली है, जो व्हीट ब्लास्ट बीमारी रोधी हैं। इनमें से संस्थान की डीबीडब्ल्यू-187 व 252 भी शामिल हैं। यदि हमारे देश में यह बीमारी किसी कारण से दस्तक भी दे गई तो 27 किस्मों पर इसका असर नहीं पड़ेगा।

फसल पर कितना असर है व्हीट ब्लास्ट का

यह बीमारी इतनी खतरनाक है कि अगर यह किसी कृषि आधारित देश में फैल जाती है तो उस देश की अर्थव्यवस्था को तहस-नहस कर सकता है। बांग्लादेश में 15 हजार हेक्टेयर में खड़ी गेहूं की फसल को सिर्फ इसलिए जलाना पड़ा था क्योंकि वहां पर व्हीट ब्लास्ट की बीमारी फैल गई थी।

क्या है व्हीट ब्लास्ट

व्हीट ब्लास्ट फंगल से फैलने वाला एक संक्रामक रोग है। जो पहले चावल में देखा गया था। अभी पिछले कुछ दशक में गेहूं में भी फैला हुआ दिखाई दिया है। इस रोग ने गेहूं उत्पादक देशों में खलबली मचा दी है। यह भयावह रोग गेहूं की 75 फीसदी फसल समाप्त कर देता है। इस रोग को आगे फैलने से रोकने के लिए उस गेहूं की फसल मेे जला दिया जाता है। जिस में यह रोग फैल जाता है और उस स्थान की गेहूं को अन्य स्थानों पर भेजने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी जाती है। कभी-कभी नौबत तो इस हद तक आ जाती

Edited By: Sunil Kumar Jha