पानीपत, [विनोद जोशी]। विकास को लेकर सवाल जवाब होते ही हैं। मामला तब गंभीर हो जाता है, जब मुर्दाबाद के ही नारे लगने लग जाएं। मेयर का अपमान हुआ तो विधायक प्रमोद विज ने वाट्सएप ग्रुप ही छोड़ दिया। मेयर के खिलाफ लिखे शब्दों पर आपत्ति जताते हुए विज ने कहा कि यह ठीक नहीं है। शशि और रिक्की अरोड़ा के बीच हुई बहस की वजह से पूरे ग्रुप पर सियासी गर्मी चढ़ गई। 70 सालों का हिसाब मांगा जाने लगा। मेयर समर्थक अपनी बात कहते रहे। विरोधी अपनी।

शहर की समस्या और समाधान ग्रुप पर विधायक का समर्थन करते हुए सवाल उठाए गए कि मेयर के खिलाफ क्यों नहीं बोला जाता।  शहर को पेरिस बनाने का वादा करने वालों से सवाल क्यों नहीं पूछे जाते। मेयर समर्थक हिमांशु शर्मा ने पोस्ट में लिखा कि 70 साल में पानीपत का कुछ नहीं हुआ। सात साल में पानीपत पेरिस चाहिए। इस पोस्ट के बाद घमासान बढ़ता गया।

ग्रुप में ऐसा चली खींचतान

-विनीत खुराना ने लिखा, पानीपत तो है ही, हर जगह पानी के साथ मिट्टी की परत बनी है। यही पानीपत है।

- मेयर के समर्थक हिमांशु ने लिखा कि जितने प्रोजेक्ट पानीपत में आज चल रहे हैं, पिछले 70 सालों में किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

- रिक्की ने लिखा कि पूर्व विधायक रोहिता रेवड़ी परिवार ने जो किया है, उसको आपकी सरकार खोद-खोद के देखने में लगी है कि नया क्या बनाएगी।

इसी के साथ बहस छिड़ती गई। मामले में इतना उकसाया गया कि मेयर का ही अपमान कर दिया गया।

विज ने लिखा, मेरी राम-राम

विधायक प्रमोद विज ने इस बहस के बाद शनिवार सुबह अपनी बात रखी। लिखा कि सभी को मेरी राम-राम। बहुत ही आदर, मान सम्मान से मैं कुछ लिख रहा हूं।  मैं यह उम्मीद करता हूं  कि आप मेरी बात पर ध्यानपूर्वक विचार करेंगे। मैं तो आपके इस ग्रुप से इसलिए जुड़ा हूं कि मुझे इस ग्रुप से भी शहर की समस्या मालूम पड़ जाती है, ताकि जहां तक हो सके, मैं उनके समाधान के लिए अधिकारियों को अवगत करा दूं। अगर इस तरह से कोई भी साथी अपमानित ढंग से लिख के किसी भी जनप्रतिनिधि का, पानीपत की प्रथम नागरिक मेयर अवनीत कौर के बारे में अपमानित ढंग से लिखे तो यह उचित नहीं। यह आपत्तिजनक है। व्यंग्यात्मक टिप्पणियाें से परहेज नहीं, लेकिन अपमानित टिप्पणी नहीं हो। पानीपत में सभी का भाईचारा बना रहे।

Edited By: Rajesh Kumar