पानीपत, जागरण संवाददाता। पानीपत के अधिकारियों की वजह से विकास कार्य अटक गए। कमिश्‍नर छुट्टी पर चले गए। ठेकेदारों की पेमेंट अटक गई। कई जगह पेयजल सप्‍लाई, गली के निर्माण, स्‍ट्रटी लाइट की मरम्‍मत का काम रुक गया। अब पार्षदों में रोष है।

नगर निगम में एक बार फिर से हाउस की बैठक अधर में लटक गई है। पिछली बैठक 22 सितंबर को हुई थी। अब फिर डेढ़ माह से ज्यादा का समय हो गया, लेकिन बैठक नहीं हो सकी। अब निगम कमिश्नर श्यामलाल पुनिया भी लंबी छुट्टी पर चल रहे हैं। शहर के अधिकतर विकास कार्य रुके हुए है। जिसके कारण ठेकेदारों की करीबन 25 करोड़ से ज्यादा की पेमेंट रूकी हुई है।

शहर की लाइटें खराब पड़ी है। इन लाइटों को ठीक करने के लिए 91.55 लाख रुपये का टेंडर लगा है। जो इसी माह खुलना है। जबकि कमिश्नर तीन दिसंबर तक आएंगे। जिसके कारण टेंडर खुलने की तिथि आगे बढ़ सकती है। इससे लाइटों की मरम्मत का कार्य देरी होना तय है।

सभी तरह के विकास कार्य रूके हुए

पार्षद वार्ड तीन पार्षद अंजली शर्मा ने बताया कि कमिश्नर नहीं होने के कारण हाउस की बैठक तक नहीं हो पा रही। इससे शहर के विकास कार्य रूके हुए है। नए टेंडर भी नहीं लग पा रहे। इससे वार्डों के मरम्मत के कार्य बिल्कुल ठप हो चुके हैं।

इन वार्डों में सबसे ज्यादा सबसे ज्यादा परेशानी

वार्ड तीन, चार, 22, 23, 17, 21, 14, 15 आदि वार्डों में विकास कार्य नहीं हो रहे। इसके लिए कुछ दिन पहले ही पार्षद कमिश्नर से मिलने के लिए समय निर्धारित किया था, लेकिन इससे पहले ही कमिश्नर लंबी छुट्टी पर चले गए। वार्डों में सबसे ज्यादा समस्या टूटी पड़ी गली, पेयजल, लाइट व साफ-सफाई नहीं होनी की समस्या है। जैसे ही कमिश्नर छुट्टी से लौटते है तो सभी पार्षद एकजुट होकर कमिश्नर से मिलेंगे, अगर बात सिरे नहीं चढ़ी तो धरना देने को मजबूर होंगे। इससे हाउस की बैठक भी इस बार देरी हो सकती है।

Edited By: Anurag Shukla

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