जागरण संवाददाता, पानीपत: हरियाणा स्टाइल कबड्डी के स्टार कैचर सींक गांव के हरपाल मलिक ने 19 वर्ष की आयु में ही प्रदेश के धुरंधर रेडरों को धूल चटा दी थी। परिवार व गांव को उम्मीद थी कि वह जल्द ही इंडिया की टीम में खेलेगा और पदक जीतेगा। पर यह किस्मत को यह मंजूर नहीं था। एक हादसे ने हरपाल की जान ले ली। हरपाल के बड़े भाई व प्रदेश के बेहतरीन रेडर रामनिवास ने बताया कि पिता धनवंतरी की बीमारी से मौत हो गई थी। इससे मां राजबाला, दो बहनों और छोटे भाई हरपाल की परवरिश की जिम्मेदारी उस पर आ गई। वह कबड्डी का ठीक से अभ्यास नहीं कर पाता था। हरपाल ने कबड्डी खेलने की इच्छा जताई तो उसे मैदान में उतार दिया। हरपाल ने कड़ा अभ्यास किया और अपनी हमउम्र खिलाड़ियों को मात दी। बड़े से बड़ा रेडर उसकी कैच से बच नहीं पाता था। उसे खुशी थी कि छोटा भाई अच्छा खिलाड़ी होने के साथ-साथ उसका व परिवार का आर्थिक सहारा भी बन गया है। उसे विश्वास हो गया था कि हरपाल मेहनत के बल पर जल्द ही देश की कबड्डी टीम में शामिल होगा, लेकिन भाई की मौत के बाद सब कुछ खत्म हो गया। अब उसका भाई कभी नहीं खेल पाएगा। यह कहते ही रामनिवास की आंखे नम हो जाती हैं।

कार की टक्कर से हो गई थी मौत

रामनिवास ने बताया कि हरपाल बीए द्वितीय का छात्र था। 19 अगस्त 2017 को वह गांव के सुमित के साथ बाइक से सोनीपत के सीआरए कॉलेज में जा रहा था। गोहाना पुलिस लाइन के पास ऑल्टो कार ने बाइक को टक्कर मार दी। इस हादसे में सुमित व हरपाल दोनों घायल हो गए। उन्हें कार चालक मेडिकल कालेज खानपुर ले गया। इलाज देरी से मिलने पर हरपाल की तबीयत बिगड़ गई और उसे पीजीआइ रोहतक ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने हरपाल को मृत घोषित कर दिया।

Posted By: Jagran

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