यमुनानगर, जागरण संवाददाता। यमुनानगर में अल सुबह तीन बजे घर से यमुना नहर में नारियल प्रवाहित करने गए ट्रांसपोर्टर 74 वर्षीय राजिंद्र सिंह चौधरी का शव धनोरा हेड के पास से मिला। जिससे शहर में सनसनी का माहौल है। शव की सूचना मिलते ही पुलिस घटनासथल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। राजिंद्र की मौत के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।

फिलहाल परिजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाए हैं। उधर पुलिस हर पहलू की बारिकी से जांच में जुटी हुई है। पुलिस को दिए बयान में संतपुरा रोड माडल टाउन निवासी सतपाल सिंह उर्फ रोजी ने बताया कि उसके पिता राजिंद्र चौधरी बीमार चल रहे थे। उनको किसी ने चलते पानी में नारियल प्रवाहित करने को कहा। उसी को लेकर वह सुबह करीब तीन बजे गाड़ी लेकर श्मशान घाट के नजदीक पश्चिमी यमुना नहर में नारियल प्रवाहित करने गए थे। जहां उनका पैर फिसल गया और नहर में पानी के बहाव के साथ बह गए। काफी देर तक घर न लौटने पर उनकी तलाश की गई तो गोताखोर सुखराम, राजीव, इरफान, प्रदून नितिन ने उनका शव धनौरा हेड के पास से निकाला। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई।

शहर के बड़े कारोबारियों में से एक थे

राजिंद्र कुमार की अचानक मौत शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। राजनीतिक और सामाजिक संगठन के पदाधिकारी शोक जताने घर पहुंचे। वह शहर के बड़े कारोबारियों में से एक थे। पुलिस की ओर से शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। पुलिस भी मामले की गंभीरता को देखते हर पहलू पर जांच करने की बात कह रही है।

खुद ही ड्राइव कर गए थे नहर पर

मृतक राजिंद्र सिंह शहर के नामी लोगों में से एक थे। जब वह कहीं जाते थे तो सुरक्षा कर्मी साथ साथ होता था। बताया जा रहा है कि जब वह यमुना पर गए तो गाड़ी भी खुद ड्राइव करके गए और गनमैन भी साथ नहीं था। उनका शव भी गाड़ी से करीब काफी दूर मिला है।  परिजनों ने किसी पर कोई शक जाहिर नहीं किया है। राजिंद्र के बारे में कहा जाता है कि उन्होंने पंजाब से यमुनानगर में आकर कारोबार शुरू किया था। वह समाज सेवा के कामों में भी आगे रहते थे।

जांच अधिकारी के अनुसार

कार्यवाहक थाना प्रभारी कुशलपाल ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजनों ने किसी पर किसी प्रकार के आरोप नहीं लगाए हैं। पर पुलिस अपने स्तर पर मामले की जांच कर रही है।

Edited By: Naveen Dalal