कैथल, [सुनील जांगड़ा]। कोई भी कामयाब खिलाड़ी हो, उसके पीछे परिवार के साथ और स्नेह का विशेष सहयोग रहता है। गांव सौंगल निवासी जूडो की नेशनल खिलाड़ी ज्योति को कामयाब बनाने के लिए पिता जोगिंद्र सिंह ने खूब मेहनत की। साल 2019 में ज्योति का चयन खेल कोटे के तहत आइटीबीपी में हो गया था।

खास बात यह है कि उसके पिता जोगिंद्र भी आइटीबीपी में सेवाएं दे चुके हैं। 24 वर्षीय ज्योति ने बताया कि उसने 2010 में जूडो खेलना शुरू किया था। कोच संदीप कुमार की प्रेरणा से गांव के स्कूल में अभ्यास किया था। इस दौरान पिता जोगिंद्र ने पूरा सहयोग किया। पिता की पेंशन से ही परिवार का गुजारा होता था, लेकिन खेलों से संबंधित हर जरूरत को पूरा किया। अभ्यास के बाद डाउट पर भी विशेष ध्यान देते थे।

बाइक पर लेकर जाते थे खेल सेंटर

ज्योति ने बताया कि कुछ समय बाद ही गांव से 16 किलोमीटर दूर कैथल जूडो खेल सेंटर में अभ्यास शुरू कर दिया था। पिता जोगिंद्र ही उसे बाइक पर कैथल लेकर आते थे और वापस गांव भी लेकर जाते थे। पिता का सपना था कि बेटी खेलों में देश का नाम राेशन करे, लेकिन ज्योति खेलों के साथ-साथ देश सेवा भी कर रही है। ज्योति अब दिल्ली आइटीबीपी कैंप में कार्यरत है। मां कपूरी देवी गृहिणी हैं। छोटा भाई हरजीत भी जूडो खेलता है और बड़ा भाई कुलदीप निजी व्यवसाय करता है।

ओलंपिक में मेडल लाना है लक्ष्य

ज्योति ने बताया कि उसका लक्ष्य है ओलंपिक में मेडल लाकर देश का नाम रोशन करना। इसके लिए वह रोजाना तीन से चार घंटे अभ्यास कर रही हैं। बता दें कि ज्योति ने कई बार जिले और हरियाणा का नाम खेलों में रोशन किया है। 2018 में हुए खेलो इंडिया में ब्रांज मेडल हासिल किया था। 2018 में हुई नेशनल जूडो प्रतियोगिता में ब्रांज मेडल हासिल किया। 2018 में कैथल में हुई इंटर कालेज प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल हासिल किया। पंजाब में हुई आल इंडिया अंतर विश्वविद्यालय जूडो प्रतियोगिता में दूसरा स्थान प्राप्त किया था।

Edited By: Anurag Shukla