जींद, जागरण संवाददाता। भारत बंद के आह्वान का परीक्षाओं पर भी असर पड़ा। चौ. रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के अधीन आने वाले जींद, हिसार, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद, पलवल, चरखी दादरी के बीएड कालेजों में दोपहर के सत्र में बीएड की आनलाइन व आफलाइन मोड में परीक्षा थी। रास्ते बाधित होने से कहीं विद्यार्थी परीक्षा देने के लिए केंद्रों पर ना पहुंच पाएं।

इसको ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने सुबह परीक्षा स्थगित करने का फैसला लिया। स्थगित हुई परीक्षाएं दोबारा नौ अक्टूबर को ली जाएंगी। बीएड द्वितीय वर्ष के साथ-साथ बीपीईएस (शारीरिक शिक्षा स्नातक), बीएलएड (बैचलर आफ एलेमेंटरी एजुकेशन) व दूसरे कोर्स के करीब आठ हजार विद्यार्थियों को परीक्षा देनी थी। आनलाइन व आफलाइन मोड में परीक्षाएं ली जा रही हैं। रजिस्ट्रार डा. राजेश बंसल ने बताया कि रास्ते बाधित होने से परीक्षर्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में दिक्कत हो सकती थी। इसलिए परीक्षा स्थगित की गई है। स्थगित हुई परीक्षा नौ अक्टूबर को ली जाएगी। जिसका शेड्यूल विश्वविद्यालय की साइट पर भी डाल दिया है।

स्कूलों पर भी पड़ा असर, छात्र संख्या रही कम

संयुक्त किसान मोर्चा के भारत बंद के आह्वान के चलते ज्यादातर निजी स्कूलों ने सोमवार की छुट्टी कर दी थी। निजी स्कूलों में काफी संख्या में गांवों से विद्यार्थी बसों में आते हैं। जिससे बसें रास्ते मेें जाम में फंस सकती थी। इसलिए निजी स्कूलों ने छुट्टी करने का फैसला लिया। वहीं सरकारी स्कूल खुले रहे। लेकिन छात्र संख्या कम रही। शहर के सरकारी स्कूलों में काफी संख्या में आसपास के गांवों के विद्यार्थी आते हैं। रास्ते बाधित होने के कारण गांवों से विद्यार्थी शहर स्कूल नहीं पहुंच पाए।

पहली से आठवीं कक्षा तक सरकारी स्कूलों में लगभग 84 हजार विद्यार्थी हैं। सोमवार 43 फीसद विद्यार्थी पहुंचे। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सदानंद वत्स ने बताया कि कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार स्कूलों में लगभग 50 फीसद विद्यार्थी आते हैं। जहां शारीरिक दूरी के साथ ज्यादा विद्यार्थी कक्षा में बैठ सकते हैं। उन स्कूलों में 50 फीसद से ज्यादा विद्यार्थी आ रहे हैं। सोमवार को रास्ते बाधित होने की वजह से छात्र संख्या कम रही है। वहीं गांवों से बसों में कोचिंग के लिए भी विद्यार्थी शहर कोचिंग सेंटर आते हैं। बसें नहीं चलने के कारण विद्यार्थी कोचिंग सेंटर नहीं आ पाए।

Edited By: Naveen Dalal