अंबाला, दीपक बहल। पंजाब के राजपुरा-बठिंडा डबल लाइन रेल प्रोजेक्ट में घोटाला कर यात्रियों की जान आफत में डालने वाले रेल अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रदेश के स्वास्थ्य एवं गृह मंत्री अनिल विज ने दैनिक जागरण में प्रकाशित खबर पर संज्ञान लेते रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को चिट्ठी लिखी है। हमेशा अपने विभागों में एक्शन मोड में दिखने वाले विज अब भ्रष्ट रेलवे अफसरों पर नकेल करने की पहल कर चुके हैं। रिजेक्ट रोड़ी को बिछवाकर करोड़ों रुपये की पेमेंट प्राइवेट कंपनी को कर दी गई।

राजपुरा-बठिंडा रेल सेक्शन में पटरी की फिजिकल जांच होने के बाद सच आएगा सामने

पटरी को जकड़कर रखने वाली रोड़ी मानकों पर खरी नहीं है, ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ किया गया है। अंबाला रेल मंडल के अधीन इस सेक्शन में अब पटरी की फिजिकल जांच होने के बाद ही सच सामने आएगा, क्योंकि रोड़ी की टेस्टिंग रिपोर्ट पर विश्वास करना उचित नहीं होगा। यह मामला संरक्षा से जुड़ा होने कारण गंभीर है, इसलिए विज की चिट्ठी के बाद उच्च स्तरीय जांच कमेटी का गठन किया जा सकता है। रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के अतिरिक्त महाप्रबंधक (एजीएम) ने भी रोड़ी को रिजेक्ट कर दिया था। करीब 8 माह तक रिजेक्ट रोड़ी पटरी किनारे पड़ी रही, लेकिन बाद में मिलीभगत कर रिजेक्ट रोड़ी को ही बिछवाकर करोड़ों रुपये की पेमेंट जारी कर दी गई। उधर, आरवीएनएल चंडीगढ़ के अधिकारी इस रोड़ी को मानक अनुसार बता रहे हैं। टेस्टिंग रिपोर्ट आने के बाद ही पेमेंट कंपनी को जारी करने की बात कहीं जा रही है।

दैनिक जागरण ने उजागर किया मामला

दैनिक जागरण ने 1700 करोड़ के डबलिंग रेल प्रोजेक्ट में घोटाला, रिजेक्ट रोड़ी बिछाकर आफत में डाली यात्रियों की जान, शीर्षक से घोटाले का पर्दाफाश किया था। 170 किलोमीटर तक डबल लाइन का कार्य आरवीएनएल को पूरा करवाले की जिम्मेदारी दी गई थी। अभी भी इस प्रोजेक्ट में कुछ कार्य बाकी है। 11 दिसंबर 2019 को एजीएम रविंद्र सिंह ने प्रोजेक्ट मैनेजर को पत्र लिखकर कहा कि बिछाई रोड़ी मानकों के अनुसार नहीं है। एलसी 12 पर राउंड शेप में रोड़ी दिखी जो मानकों के अनुसार नहीं है। इसकी कुछ फोटो भी मौके से लिए गए थे। राउंड शेप रोड़ी काे हटाकर मानकाें के अनुसार बिछाई जानी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। तीसरा पत्र 12 दिसंबर 2019 को लिखकर पिछले पत्रों का भी हवाला दिया। इसके बाद प्राइवेट कंपनी की पेमेंंट राेक ली गई और फिर खेल कर करीब आठ माह बाद रेलवे के इंजीनियरिंग ब्रांच से एक रिटायर्ड अधिकारी को मोहर बनाकर पेमेंट जारी कर दी गई। यह मामला सीएमडी प्रदीप गौड तक पहुंचा लेकिन फीजिकल जांच नहीं की हुई।

यात्रियोें की सुरक्षा सबसे अहम है : विज

प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सबसे अहम है। दैनिक जागरण में प्रकाशित समाचार पर संज्ञान लेते रेल मंत्री को पत्र लिखा गया है ताकि उच्च स्तरीय जांच हों।

Edited By: Naveen Dalal