पानीपत, जागरण संवाददाता। काटन यार्न की मांग की अपेक्षा उपलब्धता कम होने से बाजार में तेजी का रुख बना हुआ है । यार्न बाजार में काटन यार्न की शार्टेज बनी हुई है। इसी कारण से भाव स्थिर चल रहे हैं। जैसे ही निर्यातकों को आर्डर मिलते हैं अप्रत्याशित तेजी दर्ज की जाएगी।

ये है शार्टेज की वजह

काटन यार्न की शार्टेज का कारण उत्तर भारत की मिलों में उत्पादन कम होना बताया जा रहा है। फाइन काउंट बनाने वाली मिलें सप्ताह में चार दिन चल पा रही है। कम उत्पादन होने के कारण कपड़ा यूनिटों को धागा पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहा है। बाजार में वित्त किल्लत भी चल रही है।

यार्न कारोबारियों ने बताया कि गनीमत यह है कि टेक्सटाइल निर्यात के आर्डर नहीं है। आर्डर खुलते ही यार्न के भाव में उछाल आना तय है। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में रुई के दाम में गिरावट दर्ज की गई है। 11000 रुपये मन स्तर पर पहुंच चुकी रूई के दाम 6000 पर आने के बाद फिर से बढ़कर 6600 रुपये मन स्तर पर पहुंच गए हैं।

फाइन काउंट 2/10,2/20,2/30,2/40.2/60 की बाजार में शार्टेज चल रही है। पोलियस्टर यार्न में मंदा दर्ज किया गया है। पोलियस्टर यार्न की मांग कमजोर चल रही है।

उधार का ग्राफ बढ़ा

यार्न बाजार में अब उधार की धारा 21 दिन है। अर्थात माल लेने के बाद 21 दिन बाद भुगतान करना होता है। कारोबारियों ने बताया कि नगद में माल लेने पर भी पेमेंट 10 दिन में हो रही है। जबकि मिलें एडवांस लेती है।

यार्न एसोसिएशन को कर रहे याद

यार्न बाजार की एसोसिएशन को इन दिनों कारोबारी याद कर रहे हैं। पिछले आठ साल से यार्न डीलर एसोसिएशन ठप पड़ी है। दलीप दुआ, रमेश नारंग, सुरेंद्र रेवड़ी के नेतृत्व में यार्न डीलर एसोसिएशन का अलग की दबदबा होता था। सभी औद्योगिक, व्यापारिक संगठनों में यार्न डीलर एसोसिएशन अग्रणीय संस्था थी। सबसे अमीर संस्थाओं में यार्न डीलर एसोसिएशन को गिना जाता रहा। पिछले आठ साल से एसोसिएशन का चुनाव नहीं हुआ। यार्न बाजार में 300 दुकानें हैं। यार्न डीलर एसोसिएशन न होने के कारण यार्न कारोबारियों की परेशानी बढ़ती जा रही है।

हरियाणा चैंबर आफ कामर्स चैप्टर पानीपत के चेयरमैन विनोद खंडेलवाल ने तुरंत यार्न डीलर एसोसिएशन गठित करने का सुझाव यार्न कारोबारियों को दिया है। उन्होंने कहा कि संगठित होकर ही कारोबार को बचाया जा सकता है।

Edited By: Anurag Shukla

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