पानीपत, जेएनएन। ट्रैवल एजेंसी संचालक को गुरुग्राम में बंधक बनाकर लूट के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुमित गर्ग ने दो दोषियों को 10-10 साल और तीसरे को 13 साल कैद की सजा सुनाई है। वहीं इस मामले में मां-बेटी समेत तीन महिला आरोपित अभी फरार हैं। 

समालखा क्षेत्र के गढ़ी केवल के जगदीश ने 10 अप्रैल 2017 को समालखा थाने में शिकायत दी थी। इसमें बताया था कि हथवाला रोड पर मोबाइल फोन शॉप और ट्रैवल एजेंसी है। उसके पास मनीषा नाम की लड़की की कॉल आई। उसने बड़ी कंपनियों से कांट्रेक्ट कराने की बात कही। बिजनेस में तरक्की और अधिक मुनाफे का लालच दिया। कई बार फोन पर बात होने पर उसने बॉस से मीटिंग कराने गुरुग्राम के कादीपुर गांव में बुलाया। 

9 अप्रैल 2017 को वह कादीपुर पहुंचा। मनीषा के बाद वहां दो लड़के पहुंचे, जिनमें से एक ने पिस्तौल तान दी। इसके बाद तीनों ने करीब 8500 रुपये, दो मोबाइल फोन और दो डेबिट कार्ड छीन लिये। इसी बीच एक अधेड़ (जिसे बॉस कहकर बुला रहे थे) और दो महिलाएं लूटी नकदी और सामान लेकर दूसरे कमरे में चले गए। 

कुछ देर बाद आए 50 लाख रुपये मंगवाने की बात कह जान से मारने की धमकी दी। उसने दोस्त प्रवीण और विकास को कॉल कर रकम मांगी। इस दौरान बदमाश मारपीट करते रहे। डेबिट कार्ड पिन कोड पूछकर करीब एक लाख रुपये निकलवा लिये। कोरे कागज पर हस्ताक्षर कराए। 

मनीषा ने शारीरिक संबध और वीडियो क्लिप बनाने का प्रयास किया। रात में करीब एक बजे उसे दिल्ली रोड स्थित नीलकंठ ढाबे पर छोड़ गए। शिकायत पर पुलिस ने चरखीदादरी के अकवान गांव के कुलदीप व सूरजमल और सोनीपत के बरोदा गांव के शांतनु को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद से केस अदालत में विचाराधीन था। कोर्ट ने कुलदीप को 13 साल और सूरजमल व शांतनु को 10-10 साल की सजा सुनाई है।

Posted By: Anurag Shukla

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