जागरण संवाददाता, पानीपत : शहर से बेसहारा गोवंश को पकड़ कर नैन गो अभयारण्य भिजवाया जा रहा है। नगर निगम की टीम ने वीरवार रात 12 बजे तक 10 गोवंश पकड़े। मौके पर टैगिग करने के बाद गाड़ियों से नैन गोअभयारण्य के लिए रवाना कर दिया।

निगम की टीम रात आठ बजे बरसत रोड की तरफ रवाना हुई। नूरवाला में रात 8:30 बजे से गोवंश पकड़ने लगे। पांच गोवंश पकड़ने के बाद आसपास के लोगों ने तस्करी के संदेह में 100 नंबर पर कंट्रोल रूम में फोन कर दिया। सूचना मिलते ही सेक्टर 13-17 थाना से मौके पर पुलिस पहुंच गई। टीम का नेतृत्व कर रहे विक्रम राणा ने पुलिसकर्मियों को नगर निगम स्टाफ के रूप में अपना परिचय दिया। निगम आयुक्त के आदेश पर गोवंश के पकड़ कर नैन गोअभयारण्य भिजवाने की बात कही। कुछ देर बाद पुलिसकर्मी वहां से चले गए। आधे-पौने घंटे तक काम इससे बाधित रहा। पुलिसकर्मियों के जाने के बाद रात 10 बजे से फिर गोवंश पकड़ने का अभियान चलाया। जो रात 12 बजे तक चलता रहा। टीम में विक्रम के अतिरिक्त हेमंत, रजत, चालक जगदीश व पवन शामिल हैं।

मौके पर की टैगिग

निगम की टीम ने पकड़े गए गोवंशों की टैगिग की। पशुपालन विभाग की तरफ से टैगिग का काम किया जा रहा है। टैगिग हो जाने से गोअभयारण्य में इन बेसहारा पशुओं को संरक्षित रखा जा सके।

जागरण ने चलाई मुहिम

हरे चारे की कमी से गोअभयारण्य प्रबंधन कमेटी के सदस्य गोवंश को लेने के लिए तैयार नहीं थे। एक गाय 24 घंटे में 60-100 रुपये का चारा खाती है। कमेटी के सदस्य बैठक कर सिर्फ 30 रुपये प्रति गाय देने पर गोअभयारण्य में रखने को तैयार हो गए। मेयर अवनीत कौर के दौरा करने के बाद बेसहारा गोवंश को नैन गोअभयारण्य में भेजना सुनिश्चित किया। फ्लाइंग क्लब के सदस्य इन गोवंश के लिए प्रतिदिन एक ट्राली हरा चारा अभयारण्य में भिजवाते हैं। कोविड-19 के दौरान भी उनकी सेवाएं जारी रही। आठ-दस उद्यमी सप्ताह में दो-तीन दिन गायों की सेवा करने के लिए नैन गांव जाते हैं। बेसहारा गोवंश को सहारा देने के लिए दैनिक जागरण ने सिलसिलेवार खबरें प्रकाशित की थीं।

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