पानीपत, जेएनएन। स्वास्थ्य विभाग अपने आंकड़ों में रोजाना कोरोना से मौत जोड़ रहा है, दूसरी तरफ जिले मे मौत का सिलसिला थम गया है। तर्क है कि बाहरी जिलों में पानीपत वासियों की मौत हुई हैं। आंकड़े देर से मिले तो जोड़े जा रहे हैं। विभाग को सब पता है तो सवाल यह है कि देरी से आंकड़े देने वाले निजी अस्पतालों पर कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। मंगलवार को जिले में कोई मौत नहीं हुई लेकिन तीन मौत का आंकड़ा जोड़ा गया।

बता दें कि 21 दिनों में जिला में 32 मौत हुई, आंकड़ों में 114 जोड़ी गई हैं। सीधा अर्थ, 82 कोरोना संक्रमितों की बाहरी जिलों में मौत हुई हैं। इनमें अधिकांश मई की तो कुछ अप्रैल की भी हैं। सिविल सर्जन डा. जितेंद्र कादियान ने बताया कि बाहरी जिलों में उपचाराधीन या होम आइसोलेशन वाले मरीजों की मौत की सूचना तत्काल नहीं मिल पाती है। पोर्टल पर जब डिटेल आती है तभी जिस तारीख में मृत्यु हुई है,जोड़ दी जाती है।

देरी से रिपोर्ट भेजने वाले अस्पतालों-लैब को ई-मेल भेजकर आपत्ति भी दर्ज कराते हैं। बता दें कि निजी लैब से भी कोरोना पाजिटिव रिपोर्ट देरी से मिल रही हैं। मंगलवार को जिला में कोई मौत नहीं हुई, चार संक्रमित मिले और 17 रिकवर हुए हैं। अब तक मिले 31 हजार 03 कोरोना पाजिटिव में से 30 हजार 298 रिकवर हो चुके हैं। तीन मरीजों से संपर्क नहीं हो सका, 75 केस एक्टिव हैं। पानीपत के 627 कोरोना संक्रमितों की मौत हो चुकी है।

मंगलवार को यहां मिले संक्रमित

मंगलवार को मिले चारों संक्रमितों की आयु 40 साल से कम हैं। इनमें आठ मरला वासी 33 साल, सींक निवासी 27 साल और गांव शेरा की 38 वर्षीया महिला शामिल है। सैनी कालोनी में 37 साल के पुरुष की रिपोर्ट भी पाजिटिव मिली है।

21 दिनों में बाहरी जिलों की हुई 114 मौत

26 मई 06 मौत

27 मई 02 मौत

28 मई 05 मौत

29 मई 04 मौत

30 मई 01 मौत

31 मई 13 मौत

01 जून 08 मौत

02 जून 09 मौत

03 जून 02 मौत

04 जून 08 मौत

05 जून 03 मौत

06 जून 01 मौत

07 जून 08 मौत

08 जून 07 मौत

09 जून 15 मौत

10 जून 08 मौत

11 जून 07 मौत

12 जून 02 मौत

13 जून 00 मौत

14 जून 02 मौत

15 जून 03 मौत

Edited By: Anurag Shukla