जागरण संवाददाता, पानीपत। कोरोना संक्रमण के जितने अब मामले सामने आ रहे हैं, उससे तीन गुना तक ठीक भी हो रहे हैं। दोदिन में 256 को कोरोना संक्रमण हुआ, वहीं इन्हीं दिनों में 629 लोग ठीक भी हो गए। सीएमओ डा.जितेंद्र कादियान ने बताया कि बुधवार को 306 लोगों के कोरोना सैंपल लिए गए। 111 नए कोरोना केस आए। वहीं, 302 लोग ठीक भी हो गए। वहीं, वीरवार को 859 लोगों के कोरोना सैंपल लिए गए। उन्होंने बताया कि जिला में 145 नए केस सामने आए। वहीं, 327 लोग ठीक हो गए। जिले में अब1 379 केस एक्टिव अवस्था में हैं।

कोरोना वैक्सीनेशन में तेजी

बुधवार को सरकारी अस्पताल में 15 प्लस के 215 किशोरों को पहली डोज दी गई। वहीं 18 प्लस के 588 लोगों को पहली डोज दी गई। 1387 को दूसरी डोज दी गई। कुल 2906 वैक्सीन लगाई गई। वीरवार को सरकारी अस्पताल में 15 प्लस के 348 किशोरों को पहली डोज दी गई । वहीं 18 प्लस के 851 लोगों को पहली डोज दी गई। कुल 3934 वैक्सीन लगाई गई।

चार से छह माह की गर्भवती कोरोना वैक्सीन का टीका जरूर लगवाएं

गर्भवती महिलाओं को अपना विशेष ध्यान रखना होगा। खासकर, हाई रिस्क गर्भवती को महिला रोग एवं प्रसूति विशेषज्ञ के बताए दिशा-निर्देशों का पालन करना ही चाहिए। इसी के साथ चार से छह माह की गर्भवती महिला को कोरोना वैक्सीन की डोज जरूर लगवानी चाहिए।

वैक्सीनेशन के नोडल अधिकारी डा. मनीष पासी ने यह जानकारी दी है। उन्होंने जागरण से बातचीत में बताया कि कोरोना महामारी ने हर उम्र के महिला-पुरुषों को चपेट में लिया है। अब तक जिला में 35 हजार 113 केस पाजिटिव मिल चुके हैं। इनमें से 32 हजार 113 रिकवर हुए तो 1753 अभी भी एक्टिव हैं। अभी तक 646 मरीज दम भी तोड़ चुके हैं। गर्भवती महिलाएं भी संक्रमित मिली, यहां तक की कोरोना रिकवर महिला के गर्भ से जन्मा नवजात भी कोरोना पाजिटिव मिल चुका है। गर्भवती महिला का इम्युनिटी सिस्टम कमजोर होता है, इसलिए बीमारी के गंभीर होने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए, कोरोना रोधी वैक्सीन की डोज लगनी बहुत जरूरी है। गभर्वती को मास्क पहनना, सुरक्षित शारीरिक दूरी रखना, हाथ साबुन से धोते रहना जैसे सभी नियमों का पालन करना चाहिए।

भीड़ में न जाएं, ताकि संक्रमण का खतरा न रहे। डा. पासी के मुताबिक गर्भावस्था के दौरान रेगुलर चेकअप समय पर कराएं। स्वस्थ आहार लें, खूब पानी पिएं, सुबह-शाम शुद्ध वातावरण में टहलें।

हाई रिस्क गर्भवती बरतें सतर्कता 

गर्भवती महिला के शरीर में रक्त की कमी, उच्च रक्तचाप, शुगर और श्वास संबंधी रोग है तो उसे हाई रिस्क में रखा जाता है। किन्हीं कारणों से पहले कई बार गर्भपात हुआ है तो उसे भी इसी श्रेणी में रखते हैं। इन महिलाओं को वही करना चाहिए, जो चिकित्सक ने सलाह दी है।

कोरोना संक्रमित होने पर 

गर्भवती कोरोना संक्रमित है तो सबसे पहले खुद को आइसोलेट कर लें। हल्के लक्षण हैं तो घर में ही इलाज कराएं। इस दौरान अपने पास थर्मामीटर और आक्सीमीटर जरूर रखें। तापमान 99 डिग्री फारेनहाइट से ज्यादा है ताे समझो बुखार है। ऐसे में चिकित्सक से परामर्श जरूर लें, हो सकता है कि महिला को अस्पताल में भर्ती करना पड़े।

Edited By: Anurag Shukla