अंबाला, जेएनएन। कोरोना के इलाज में प्रयोग होने वाली दवा तय रेट से ज्यादा की नहीं मिलेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने ड्रग्स कंट्रोलर को पत्र लिखा है। साथ ही दवा की कालाबजारी करने वालों पर कार्रवाई करने पर जोर दिया है। वहीं अंबाला के सभी मेडिकल स्टोर की जांच की जाए, ताकि निर्धारित रेट पर ही मरीजों को दवा मिले।

मालूम हो कि अंबाला में कोरोना संक्रमित मरीजों का ग्राफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। जिले में अभी तक 17706 कोरोना संक्रमित मिल चुके हैं। वर्तमान में 2270 सक्रिय मरीजों को इलाज के लिए आइसोलेट किया हैं। जिले में निजी चिकित्सालयों में संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा रहा है। ऐसे में संक्रमित मरीजों को कोविड-19 के इलाज में रेमडेसिवियर इंजेक्शन समेत अन्य दवाइयों की जरुरत होती है।

इस वजह से रेमडिसिविर दवा की मांग बढ़ने लगी है। ऐसे में मेडिकल स्टोर संचालक दवा की कालाबजारी करने का काम शुरू कर दिया है। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने कालाबजारी करने वालों पर कार्रवाई करेगा। इसके लिए ड्रग्स कंट्रोलर को पत्र लिखा है कि  जिले के सभी मेडिकल स्टोर पर तय रेट पर दवाईयों की बिक्री  कराना सुनिश्चित किया जाए।  इस संबंध में एएसएमओ डा. सुखप्रीत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग ने ड्रग्स कंट्रोलर को पत्र लिखा कि कोरोना के इलाज में प्रयोग होने वाली दवा की मेडिकल स्टोर पर जांच की जाए। यहां पर दवा तय रेट पर ही बिक्री की जाए।

लैब की जांच के लिए कमेटी गठित

कोरोना काल में निजी लैब कोविड-19 रिपोर्ट में खेल कर रही है। हालांकि जिले में केवल 9 लैब को कोविड-19 की जांच के लिए लाइसेंस जारी किए हैं। इसके बावजूद जिले में काफी लैब बगैर लाइसेंस के कोरोना संक्रमण की जांच करने में लगी है। इस पर स्वास्थ्य विभाग ने सभी निजी लैब की जांच करने का निर्णय लिया है। इसके लिए कमेटी गठित की है, जो निजी लैबों की जांच करने क काम करेगी

Edited By: Anurag Shukla