जागरण संवाददाता, पानीपत :

उत्तर की तरफ से आ रही बर्फीली हवाओं के कारण सर्दी का प्रकोप बढ़ गया है। साल की शुरुआत से ही ठंड लगातार बढ़ रही है। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रात का न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रहा। इस वजह से दिन में ज्यादा ठिठुरन रही।

सुबह 10 बजे तक घना कोहरा रहा। सुबह सात बजे तक तो दृश्यता महज 20 मीटर तक दर्ज की गई। ठंड अधिक होने के कारण पार्को में भी सुबह रौनक गायब रही। मार्निग वाक पर आने वालों की संख्या भी कम रही।

11 बजे के बाद धूप निकलने से सर्दी में हल्की राहत महसूस की गई। धूप निकलते ही लोग धूप सेंकते नजर आए। शाम होते-होते फिर से हल्की धुंध छाने लगी। मौसम विभाग के अनुसार अधिकतम तापमान में एक से दो डिग्री की वृद्धि हो सकती है। शनिवार को अधिकतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है लेकिन न्यूनतम तापमान में सुधार की कोई उम्मीद नहीं है। ऐसे में सुबह और रात को अधिक ठंड रहेगी। दिन के समय धूप की वजह से ठंड में कुछ राहत जरूर मिलेगी।

मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को सुबह घना कोहरा छा सकता है। दिन में हल्का कोहरा रहेगा। 10 जनवरी तक ठंड में राहत की कोई संभावना नहीं है। छह जनवरी के बाद कोहरे से राहत मिल सकती है।

पिछले पांच वर्षो के दौरान 05 जनवरी का न्यूनतम तापमान

वर्ष

2014 9 डिग्री सेल्सियस

2015 11 डिग्री सेल्सियस

2016 14 डिग्री सेल्सियस

2017 13 डिग्री सेल्सियस

2018 5.8 डिग्री सेल्सियस

बाजारों पर ठंड का असर

सब्जियों के भाव घटे

सर्दी अधिक पड़ने के बावजूद सब्जी मंडी में सब्जियों की आवक बढ़ गई है। इन दिनों अंबाला, शाहाबाद का आलू आ रहा है। लोकल मटर की आवक बढ़ने के बाद भाव में गिरावट दर्ज की गई। आढ़ती प्रेम आहूजा ने बताया कि सर्दी अधिक होने के कारण कम समय दुकान पर बैठ पा रहे हैं। अधिक आवक होने के कारण भाव में गिरावट हुई है। गोभी, गाजर, मटर, टमाटर, आलू, मूली के भाव में गिरावट दर्ज की गई है।

हैंडलूम बाजार में मंदी :

सर्दी, कोहरा अधिक होने के कारण ट्रेन 10 से 15 घंटे तक लेट हो रही है। अन्य प्रदेशों के व्यापारी बाजार में नहीं आ पा रहे हैं। ठंड अधिक होने के कारण लोकल ग्राहकी भी नहीं निकल पा रही है। हैंडलूम बाजार के व्यापारी ओपी नागपाल, जोगेंद्र नरूला ने बताया कि बाजार में ग्राहकी नदारद है।

पावरलूम पर उत्पादन प्रभावित : सर्दी, कोहरा अधिक होने के कारण हथकरघा उद्योग से लेकर पावर लूम उद्योगों में उत्पादन कम चल रहा है। कारीगर खड्डियों पर बैठ नहीं पा रहे। रंगाई उद्योगों में कपड़ा, धागा सूखने में समय अधिक लग रहा है, जिससे उत्पादन प्रभावित है।

Posted By: Jagran

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