जागरण संवाददाता, समालखा : सीएम फ्लाइंग, करनाल की टीम ने नगर पालिका कर्मियों की मौजूदगी में रेलवे पार्क में हुई मिट्टी भरत की पैमाइश की। जेसीबी से गड्ढे खोदकर मिट्टी की गहराई को मापा। जेई और एमई से भी जानकारी ली। अब लागत का मूल्यांकन (मूल्यांकन) एक्सपर्ट से करवाएंगे। टीम पार्क की चारदीवारी और ग्रिलिग की पैमाइश और मूल्यांकन पहले ही करवा चुकी है। पांचवीं बार जांच के लिए टीम पहुंची है।

पार्षदों ने निर्माणाधीन रेलवे पार्क और पंजाबी धर्मशाला के ठेकेदार को काम से अधिक की पेमेंट सहित गोल्डन पार्क के विकास कार्यों में अनियमितता की शिकायत पिछले साल सीएमओ, सीएम विडो सहित शहरी स्थानीय निकाय मंत्री से की थी। सीएम फ्लाइंग को जांच का जिम्मा सौंपा गया था। पार्षदों का आरोप था कि प्रधान और अधिकारियों ने मिलीभगत कर काम से अधिक की पेमेंट ठेकेदार को कर दी, जबकि मौके पर इतना काम नहीं हुआ। ऊपर से काम बंद पड़ा है। रिवाइज्ड एस्टीमेट बनाकर सरकार को भेजा जा रहा है। काम से पहले ज्यादा पेमेंट

सीएम की घोषणा से रेलवे की 5.5 एकड़ जमीन पर 1.65 करोड़ की लागत से पार्क का निर्माण हो रहा है। पार्क में मिट्टी भरत के साथ चारदीवारी और ग्रिल लगाने का काम हुआ है। शेष काम बचे हैं। ठेकेदार को 1.13 करोड़ की पेमेंट कर दी गई है। वहीं बिहोली रोड पर 90 लाख की लागत से बन रही दो मंजिली धर्मशाला का ढांचा भी ठीक से खड़ा नहीं हुआ है, लेकिन ठेकेदार को करीब 81 लाख रुपये की पेमेंट कर दी गई है। दोनों काम एक ही ठेकेदार के पास हैं। ठेकेदार को पार्क का 68.5 तो धर्मशाला का 87 फीसद पेमेंट किया गया है। इसी माह जांच पूरी होगी

फ्लाइंग टीम के जांच अधिकारी एसआइ राममेहर ने बताया कि अभी रेलवे पार्क और धर्मशाला के दस्तावेजों की जांच हो चुकी है। कामों की पैमाइश कर एक्सपर्ट से खर्च का मूल्यांकन करवाया जाएगा। उसके बाद उचित और अनुचित पेमेंट का पता चलेगा। आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि गोल्डन पार्क के विकास कार्यों में अनियमितता सहित उपरोक्त दोनों कामों की जांच इस माह पूरी हो जाएगी।

Edited By: Jagran