पानीपत, जागरण संवाददाता। पानीपत के आजाद नगर में मां और दो मामा से परेशान नौवीं कक्षा के छात्र ने घर पर फंदा लगा लिया। छात्र इकलौता बेटा था। पिता ने आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी व दो सालों की प्रताड़ना से बेटा आहत था। इसी वजह से बेटे ने जान दे दी। सिविल अस्पताल में दोनों पक्षों में शव को लेकर जाने को  झगड़ा हो गया और दो बार हाथापाई हुई। पुलिस ने बीच-बचाव किया। 

अंधेरा होने के कारण शव नहीं ले गए स्वजन, बुधवार को पुलिस शव पिता को सौंपेगी

जींद के भंभेवा गांव के राजेश ने बताया कि वह करीब 20 साल से आजाद नगर में परिवार सहित रहता है। उसकी पत्नी सुमन फैक्ट्री में काम करती थी। उसने पत्नी को काम छोड़ देने को कहा था। पत्नी नहीं मानी और उसके साथ झगड़ा किया। डेढ़ साल से दोनों में झगड़ा चल रहा है। मकान पत्नी के नाम है। पत्नी ने उसे मकान देने से मना कर दिया तो वह किराये के कमरे में रहने लगा।

छह महीने पहले पत्नी ने उसके खिलाफ आठ मरला चौकी में शराब पीकर मारपीट की शिकायत दी थी। तब दोनों में सुलह हो गई थी। तभी से पत्नी बड़ी बेटी मंजू को अपने साथ मायके सोनीपत के बड़वासनी गांव ले गई और वहीं पर रहने लगी। इकलौता बेटा गुरमीत (14) उसके पास रह रहा था।बेटा एक निजी स्कूल में नौंवी कक्षा का छात्र था। वह सेक्टर 25 में रेहड़ी लगाकर गुलाब जामुन बेचता है।

ये लगाया आरोप

आरोप है कि पत्नी व साला रोहताश व जोगेंद्र कई बार उसे धमकी दे चुके थे कि गुरमीत को मार देंगे। सोमवार सुबह वह गुरमीत को नाश्ता खिलाकर काम पर चला गया था। शाम को साढ़े छह बजे घर लौटा तो मेन गेट की अंदर से कुंडी लगी थी। उसने काफी देकर तक आवाज लगाई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। लकड़ी की फट्टी के जरिये कुंडी खोली और अंदर कमरे में गया तो गुरमीत ने गार्डर से चुन्नी से फंदा लगा रखा था। चुन्नी के साथ में गमछा भी बंधा हुआ था।

इसके बाद उसे फंदे से बेटे को नीचे उतारा तो उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। राजेश का आरोप है कि मंगलवार सुबह पुलिस ने पोस्टमार्टम करवाकर गुरमीत के शव को उसके सालों को सौंपने का प्रयास किया। इसको लेकर राजेश के स्वजनों की उसके सालों के साथ हाथापाई हो गई। पुलिस ने उसके साले को शवगृह के अंदर भेजा और गेट लगाकर मुश्किल से मामला शांत कराया। बाद में अंधेरा होने के कारण गुरमीत के शव को नहीं ले गए।

जांच अधिकारी के अनुसार

इस बारे में आठ मरला चौकी प्रभारी इंद्र सिंह का कहना है कि राजेश के शिकायत पर सुमन, उसके भाई रोहताश व जोगेंद्र के खिलाफ धारा 306 और 34 आइपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया है।  बुधवार को पुलिस गुरमीत के शव को उसके पिता को सौंपेगी। 

पत्नी व सालों पर हत्या का आरोप

राजेश ने आरोप लगाया कि उसके बेटे की पत्नी व दो सालों ने हत्या की है। पत्नी कमरे पर आई और फिर यह कहकर लौट गई कि गुरमीत उसका बेटा नहीं है। राजेश विलाप करते हुए बार-बार कह रहा था कि बेटे की मौत से उसकी जिंदगी की सारी खुशी छीन गई है।

Edited By: Naveen Dalal

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