यमुनानगर, जागरण संवाददाता। बिलासपुर रोड पर श्री प्लाईवुड फैक्टरी में ठेकेदार रियाजुल हक दूसरे राज्यों से मजदूरी के नाम पर बाल मजदूरी कराने में लिप्त मिला है। राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को मिली शिकायत के बाद स्थानीय कमेटी ने जांच की, तो यह तथ्य सामने आए। जिस किशोर से बाल मजदूरी कराई जा रही थी। उसकी घर जाते समय दिल्ली में मौत हो गई थी। इस मामले में एडवोकेट अभिक सिन्हा ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को शिकायत भेजी थी। मामले में जगाधरी शहर थाना पुलिस ने रियाजुल हक पर बाल श्रम कराने के आरोप में केस दर्ज किया है।

दरअसल, 23 जुलाई को एडवोकेट अभिक सिन्हा ने राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग को शिकायत भेजी थी। जिसमें कहा गया था कि दिल्ली के कश्मीरी गेट पर पश्चिमी बंगाल के जिला दक्षिण दिनाजपुर के फोपरा निवासी साढ़े 17 वर्षीय शाहिद आलम की मौत हो गई थी। आरोप लगाया गया था कि यह किशोर जगाधरी में बिलासपुर रोड पर श्री प्लाईवुड फैक्टरी में मजदूरी करता था। जबकि बाल श्रम कानूनी अपराध है। इसकी मौत पर स्वजनों को कोई आर्थिक सहायता तक नहीं मिल पाई। इस शिकायत पर राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग ने संज्ञान लिया और पांच अगस्त को डीसी यमुननगर को पत्र भेजकर जांच कराने के आदेश दिए थे। इसमें एसडीएम जगाधरी की अध्यक्षता में सहायक श्रम आयुक्त सर्कल-दो अंजना गोयल, सर्कल-6 कृष्ण कुमार, जिला बाल संरक्षण अधिकारी आंचल त्यागी, सब इंस्पेक्टर क्राइम ब्रांच संजय कुमार की एक कमेटी गठित की गई थी।

कमेटी ने जांच में बाल श्रम का निकला मामला 

पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक, कमेटी ने श्री प्लाईवुड का औचक निरीक्षण किया था। फैक्टरी में मुख्य तौर पर मशीनरी के रूप में सेलर, प्रेस व बायलर लगा हुआ था। यहां पर प्लाई बनाने का कार्य किया जा रहा था। कमेटी ने फैक्टरी मालिक, ठेकेदार व लेबर कर्मियों के बयान लिए। जांच के दौरान सामने आया कि पश्चिमी बंगाल के जिला दक्षिण दिनाजपुर के गांव शालनगुडी निवासी रियाजुल हक फैक्टरी में मजदूरी के साथ-साथ लेबर ठेकेदार करता है। उसने फैक्टरी में एक प्रेस को ठेके पर ले रखा था। वह गांव फोपरा से शाहिद व साजिद को मासिक वेतन पर लकड़ी का पत्ता उठाने के लिए लेकर आया था। शाहिद आलम फैक्टरी के बाहर ही सादिक के साथ किराये पर कमरा लेकर रह रहा था।

जांच में सामने आया कि 13 जून 2021 को बुखार हुआ था। उसका इलाज आरोग्य अस्पताल में कराया था। 15 जून 2021 को वह ठीक हो गया था। उसके बीमारी व इलाज से संबंधित दस्तावेज ठेकेदार ने कमेटी को दिए थे। कमेटी की जांच में सामने आया कि शाहिद बीमारी से ठीक होने के बाद वह काम पर नहीं आया था। यहां से 29 जून 2021 को वह अपने गांव जाने के लिए चला गया था। जब वह दिल्ली पहुंचा, तो यहां उसकी अचानक मौत हो गई थी। स्वजन उसका शव गांव में लेकर गए थे और दफना दिया था। न तो पोस्टमार्टम हुआ और न ही कोई डाक्टरी जांच हुई थी। इसलिए मौत की सही वजह स्पष्ट नहीं हो सकी। कमेटी ने रिपोर्ट में माना कि जिस फैक्टरी में शाहिद से काम लिया जा रहा था। वहां पर बाल श्रम नहीं कराया जा सकता। इसलिए ठेकेदार पर केस दर्ज करने के लिए पुलिस को पत्र भेजा गया। साथ ही कमेटी ने मृतक शाहिद के कानूनी वारिसों को मुआवजा दिलाने के भी आदेश दिए हैं।

Edited By: Anurag Shukla